महाकुंभ के आखिरी स्नान पर्व महाशिवरात्रि पर संगम में पुण्य की डुबकी के लिए तीन दिन पहले ही जन ज्वार उमड़ पड़ा है। रविवार को संगम जाने वाले मार्गो पर इस कदर भीड़ उमड़ी कि तिल रखने की जगह नहीं बची। इस बीच प्रयागराज दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों से आखरी स्नान पर्व की तैयारियो की जानकारी ली । उन्होंने मेला प्रशासन को आगाह किया कि सभी की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित की जाए। सीएम ने सुगम डुबकी के लिए मेला प्रशासन को ठोस रणनीति बताने के निर्देश दिए। 26 फरवरी को महाशिवरात्रि पर आखिरी स्नान पर्व की डुबकी के साथ अगले 12 वर्षों के लिए महाकुंभ विदा हो जाएगा। माना जा रहा था कि वसंत पंचमी पर अंतिम अमृत स्नान के बाद श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से घटेगी लेकिन इसके उलट सारे अनुमान ध्वस्त हो गए। छह फरवरी से अपार भीड़ महाकुंभ में आ रही है। ट्रेनें बसें तो फुल है ही सड़कों पर हर तरफ श्रद्धालु ही नजर आ रहे हैं। प्रयागराज में जुड़ने वाले सभी सात प्रमुख मार्गों पर वाहनों का रेला लगा हुआ है। इस दिन महाकुंभ में अंतिम डुबकी लगानी है वही शिवालयो में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। इस बार महाशिवरात्रि पर दो करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने का अनुमान है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लगातार दूसरे दिन महाशिवरात्रि स्नान पर्व की तैयारियों की अफसर से जानकारी ली। उन्होंने आखिरी स्नान पर्व पर सुगम डुबकी के लिए नौकरशाही को सचेत किया है। सीएम ने अधिकारियों से कहा है कि संतो-भक्ति को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
