संगम की रेती पर आगामी तीन जनवरी से लगने वाले माघ मेले के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के साथ सभी सात सेक्टरों में अग्नि शमन विभाग ने घटनाओं की रोकथाम के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं। अग्निशमन विभाग अपनी तैयारियां पूरी करने का दावा कर रहा है। विभाग का दावा है कि आग लगने की किसी भी घटना की सूचना पर सिर्फ तीन मिनट में फायर कर्मी मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाएंगे।
माघ मेले में अग्निशमन विभाग का मुख्यालय परेड मैदान में बनाया गया है। मेले में आग की घटनाओं को रोकने के लिए 20 फायर स्टेशन, सात फायर चौकियां और 20 वाच टावर बनाए जा रहे हैं। इसके लिए एक नोडल समेत नौ मुख्य अग्निशमन मेला क्षेत्र में 625 और रेलवे स्टेशनों व बस अड्डे पर 150 फायर की गाड़ियां कर्मियों को मिलाकर कुल 775 कर्मचारियों की तैनाती की गई हैं ।माघ मेले में आग लगने की घटनाओं पर तुरंत काबू पाने के लिए पूरे प्रदेश से 117 फायर टेंडर की गाड़ियां मंगाई गई हैं। इसमें 45 हजार लीटर की बड़ी फायर टेंडर और 25 हजार लीटर की छोटी फायर टेंडर की गाड़ियां शामिल शामिल हैं ।
हर स्टेशन पर रहेगा बिग फायर टेंडर माघ मेले में एक बिग फायर टेंडर हर स्टेशन पर रहेगा। इसके अलावा माघ मेले में बैटरी चालित दो वाहन भी मंगाए गए हैं। जो ग्रीन एनर्जी से संचालित हैं और रेत में भी तेजी से मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा सकते हैं। वहीं, परेड और झूंसी में एडवांस रेस्क्यू टावर बनाए गए हैं। इसके अलावा फायर ब्रिगेड मुख्यालय में मल्टी डिजास्टर रिस्पांस व्हीकल को भी तैनात किया गया ।
त्रिस्तरीय होगी व्यवस्था फायर रिस्पांस टाइम कम करने पर जोर दिया गया । तीन स्तरों पर काम किया जा रहा है। इनमें सबसे पहले स्तर पर अग्निशमन से बचाव, तैयारी अग्निशमन विभाग के नोडल अधिकारी सीएफओ अनिमेष सिंह के मुताबिक माघ मेले में और आग लगने की घटनाओं पर त्वरित रिस्पांस करते हुए उस पर काबू किया जाना शामिल है। उन्होंने बताया कि माघ मेले में फायर रिस्पांस का टाइम बेहद कम तीन मिनट का रखा गया है। उनके मुताबिक फायर स्टेशन, फायर चौकियां और वॉच टावर ऐसे स्थान पर बनाए जा रहे हैं, जहां से सिर्फ तीन मिनट में मौके पर बचाव कर्मी पहुंचकर आग पर काबू पाएंगे।
