राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य और युवा दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र सेविका समिति की बहनों ने सशक्त, संगठित और समर्थ भारत के निर्माण के उद्देश्य से पथ संचलन किया। पथ संचलन के पूर्व संघ कार्यालय ज्वाला देवी परिसर में राष्ट्र सेविका समिति की अखिल भारतीय सहकार्यवाहिका अलका ने कहा कि हमें अपनी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए जीवन के मूल्यों को सुरक्षित रखना होगा।
उन्होंने कहा कि मातृशक्ति को सर्वप्रथम अपने मातृत्व कर्तव्यों के सुचारु निर्वहन पर जोर देना चाहिए। बिना मां बने हम अपने कर्तव्यों का निर्वहन प्रभावी ढंग से नहीं कर सकते और इसी से नेतृत्व की क्षमता का विकास होता है। इस अवसर पर अखिल भारतीय सह संपर्क प्रमुख सीता अक्का और मुख्य अतिथि वरिष्ठ अधिवक्ता अर्चना सिंह भी उपस्थित रहीं।
यहां बताया गया कि समिति की कार्यकर्ताओं में संगठन के प्रति समर्पण और देशहित में कार्य करने की क्षमता को मजबूत करने के लिए यह आयोजन किया गया। इसमें अनुशासन, समय प्रबंधन और नई रणनीतियों के अभ्यास की निरंतरता पर जोर दिया गया। पथ संचलन ज्वाला देवी परिसर से निकला। महात्मा गांधी मार्ग से सुभाष चौराहा, सरदार पटेल मार्ग होते हुए यह वापस ज्वाला देवी परिसर पहुंचा। इस दौरान कई जगह स्वयं सेविकाओं पर पुष्प वर्षा की गई। पथ संचलन के आगे चार पहिया वाहन में भारत माता की तस्वीर भी लगी रही। तमाम स्वयं सेविकाओं ने इस दौरान बांसुरी भी बजाई। इस अवसर पर प्रांत कार्यवाहिका माया, सह प्रांत कार्यवाहिका रंजना, पूर्वी क्षेत्र प्रचारिका शशि, विभाग कार्यवाहिका प्रिया, प्रांत प्रचार, प्रमुख ऋचा नारायण, रंजना आदि मौजूद रहीं।
