आगरा। अवैध धर्मांतरण गिरोह के तीन और सदस्यों की गिरफ्तारी पुलिस ने की है। दिल्ली के मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान के दो बेटों अब्दुल्ला व अब्दुल रहीम और रोहतक की दलित युवती से जबरन निकाह करने वाले जुनैद को पकड़ा गया है। तीनों अपने जाल में युवतियों को फंसाते थे। धर्म परिवर्तन कराने के बाद फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे। इनसे संदिग्ध साहित्य बरामद हुए हैं। मास्टरमाइंड के मोबाइल का डाटा भी खंगाला जा रहा है।
सदर क्षेत्र की दो सगी बहनों के अपहरण और धर्मांतरण के मामले में पुलिस ने 10 आरोपियों को पूर्व में गिरफ्तार किया था। सभी 10 दिन की रिमांड पर लिए गए थे। इनमें गोवा की आयशा उर्फ एसबी कृष्णा भी शामिल है। पुलिस ने पूछताछ के बाद धर्मांतरण गिरोह के मास्टरमाइंड दिल्ली के ओल्ड मुस्तफाबाद निवासी अब्दुल रहमान उर्फ महेंद्र पाल को भी गिरफ्तार किया था। वह मूलरूप से फिरोजाबाद के रजावली रामगढ़ का रहने वाला है। वह जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कलीम सिद्दीकी का गिरोह संचालित कर रहा था।
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि अब्दुल रहमान के घर में रोहतक की युवती को बंधक बनाकर रखा गया था। उसे भी मुक्त कराया गया। उसके पुलिस ने बयान दर्ज किए। इसके बाद कोर्ट में बयान कराए गए। युवती को धर्मांतरण कराया गया। उसके बाद जुनैद ने निकाह किया था। राजस्थान के काजी ने निकाह पढ़ा था। बयान के आधार पर दिल्ली के नार्थ ईस्ट स्थित दयालपुर निवासी जुनैद कुरैशी, अब्दुल रहमान के बेटों अब्दुल्ला व अब्दुल रहीम को आईएसबीटी आगरा से गिरफ्तार किया गया।
