लॉस एंजिलिस/ऑस्टिन। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आव्रजन नीति के तहत डाले जा रहे प्रवर्तन छापों और लॉस एंजिलिस में नेशनल गार्ड व नौसेना को जुटाने के विरोध में कई अमेरिकी शहरों में बृहस्पतिवार को भी प्रदर्शन हुए। यहां तक कि लॉस एंजिलिस के मेयरों ने एकजुट होकर ट्रंप प्रशासन से आव्रजन छापे रोकने की मांग की, लेकिन कार्रवाई चलती रही। इसके खिलाफ टेक्सास के डलास और ऑस्टिन, शिकागो, न्यूयॉर्क, डेनवर, फिलाडेल्फिया में उग्र प्रदर्शन हुए। लोगों ने रैली निकाली व कई गिरफ्तारियां हुई।
न्यूयॉर्क स्थित निचले मैनहट्टन में झड़पों के दौरान 86 लोग हिरासत में लिए गए, सिएटल में सैकड़ों प्रदर्शनकारी आव्रजन मामलों की सुनवाई के दौरान यहां पहुंचे। कुछ लोगों ने एक डंपर को घसीटकर उसमें आग लगा दी। प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों पर पटाखे और पत्थर फेंके। उधर, लॉस एंजिलिस शहर के दर्जनों मेयरों (महापौरों) ने एक साथ मिलकर छापे रोकने की मांग की ब कहा, शहरों में भय फैल रहा है और पूरा देश जलने लगा है।लॉस एंजिल्स पुलिस ने शनिवार से अब तक लगभग 400 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से अधिकांश लोग कानून प्रवर्तन के अनुरोध पर भी अपना क्षेत्र नहीं छोड़े। बल्कि उन्होंने पुलिस अधिकारियों पर हमला किया और मोलोटोव कॉकटेल तथा बंदूक से उन पर हमले भी किए। इस दंगे में नौ पुलिस अधिकारी घायल हुए हैं, जिनमें से ज्यादातर को मामूली चोटें आई हैं। मेजर जनरल स्कॉट शेरमैन ने कहा, करीब 2,000 नेशनल गार्ड सैनिक लॉस एंजिलिस में हैं और जल्द ही 2,000 और सैनिक तथा 700 मरीन भी उनके साथ शामिल हो जाएंगे। डेमोक्रेट नेताओं ने कहा, इससे हालात और बिगड़ेंगे न्यूयॉर्क सिटी में फोले स्क्वायर में विरोध प्रदर्शन के दौरान संघीय आईसीई एजेंसी के खिलाफ नारेबाजी की गई। लगभग 2.500 लोग एकजुट हुए, जिनमें से कुछ लोग धातु के बैरिकेड्स पार कर अफसरों से भिड़ गए। सैकड़ों लोग सिटी हॉल के बाहर जुटे और विरोध किया। फिलाडेल्फिया में प्रदर्शनकारियों ने आईसीई मुख्यालय तक मार्च किया और प्रदर्शन किया। इस दौरान 15 से अधिक गिरफ्तार किए गए। सान फ्रांसिस्को में कुछ लोग इमारतों में घुसे और तोड़फोड़ की। उन्होंने कारों व पुलिस वाहनों और बसों को भी नुकसान पहुंचाया। शिकागो में एक प्लाजा को जाम करने व सड़कों पर कब्जा जमाने पर कार्रवाई की गई और 17 गिरफ्तारियां हुई। कुछ प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की बर्बरता के आरोप भी लगाए गए। न्यूयॉर्क के बाद वाशिंगटन के स्पोकेन में उग्र प्रदर्शन के बाद मेयर लिसा ब्राउन ने शहर में कर्फ्यू लगा दिया।
