महाकुंभ नगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाकुंभका आयोजन नया शोध का विषय बन गया है। मेरे पास राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से पत्र आ रहे हैं कि क्राउड मैनेजमेंट कैसे किया? आस्था और आर्थिकी का समन्वय कैसे हो सकता है, इस पर एक घंटे का टॉक शो कीजिए।
डिजिटल मीडिया सेंटर में मीडिया कर्मियों से संवाद के दौरान सीएम योगी ने महाकुंभ को वैश्विक इवेंट बनाने में उनके योगदान की सराहना की। कहा, 45 दिनों में 100 देशों के प्रतिनिधियों का आगमन प्रयागराज में हुआ।
इसमें 74 देशों के एंबेसडर और हाई कमिश्नर यहां आए। 12 देशों के मंत्री या राष्ट्राध्यक्ष पहुंचे। अन्य देशों से श्रद्धालु भी कार्यक्रम का हिस्सा बने।
सीएम ने कहा, मैं देख रहा था कि दिन हो या रात, सुबह हो या शाम, शीतलहर हो या भीषण धूप, लेकिन अनवरत रूप से कोई चल रहा था तो वह गंगा की धारा थी या फिर मीडिया। दरअसल, महाकुंभको सफल बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। श्रद्धालुओं को लाने में विभागों-संस्थाओं ने काम किया, लेकिन एक-एक घटना को लाइव दिखाने और उसे सकारात्मक रूप से जनता तक पहुंचाने का काम मीडिया ने किया।
योगी ने कहा, प्रदेश में धार्मिक पर्यटन की भरपूर संभावनाएं हैं। बीते वर्ष उत्तर प्रदेश में कुल 65 करोड़ श्रद्धालु और पर्यटक विभिन्न तीर्थ स्थलों पर आए थे। लेकिन, अकेले प्रयागराज में 45 दिनों में 66.30 करोड़ पर्यटक और श्रद्धालु आ चुके हैं। यानी, नए-नए रिकॉर्ड बनते दिखाई दे रहे हैं।
संवाद के दौरान उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह समेत कई मंत्री-अधिकारी भी मौजूद रहे।
