नई दिल्ली। पूरी दुनिया की निगाहें बुधवार को जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बहुप्रतीक्षित जवाबी टैरिफ की घोषणा पर लगी रहीं, वहीं भारतीय विशेषज्ञों ने कहा कि इसका देश के कृषि, ऑटोमोबाइल, दवा, स्वर्ण आभूषण जैसे क्षेत्रों पर बड़ा असर हो सकता है। ट्रंप ने कहा, टैरिफ घोषणाएं अमेरिका के लिए मुक्ति दिवस के समान होंगी। वह बृहस्पतिवार तड़के टैरिफ की घोषणा करेंगे।
भारत-अमेरिका के बीच अभीटैरिफ अंतर विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग है। थिंक टैंक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) के विश्लेषण के अनुसार, कृषि में सबसे अधिक प्रभाव मछली, मांस व प्रसंस्कृत समुद्री भोजन क्षेत्र पर पड़ेगा, जिसका 2024 में निर्यात 2.58 अरब डॉलर था और इस क्षेत्र में टैरिफ का अंतर 27.83 प्रतिशत है।
वहीं, रसायन और दवा क्षेत्र में यह 8.6 प्रतिशत, प्लास्टिक के लिए 5.6, वस्त्र-परिधान 1.4, हीरे, सोने व आभूषणों के लिए 13.3 फीसदी, लोहा, इस्पात और आधार धातुओं के लिए 2.5 प्रतिशत, मशीनरी व कंप्यूटर के लिए 5.3 प्रतिशत, इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए 7.2 फीसदी व ऑटोमोबाइल और ऑटो घटकों के लिए टैरिफ का यह अंतर 23.1 फ़ीसदी है।
प्रसंस्कृत खाद्य, चीनी और कोको निर्यात पर भी असर पड़ सकता है, क्योंकि इसमें टैरिफ अंतर 24.99 प्रतिशत है। पिछले साल इसका निर्यात 1.03 अरब डॉलर था। इसी तरह, अनाज, सब्जियां, फल और मसाले के क्षेत्र में टैरिफ अंतर 5.72 प्रतिशत है। एक निर्यातक ने कहा, टैरिफ अंतर जितना अधिक होगा, संबंधित क्षेत्र उतना ही अधिक प्रभावित हो सकता है।
