नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय आयोग (ईसी) की अध्यक्ष उर्सुला बॉन डेर लेवेन ने इस वर्ष के अंत तक भारत और ईयू के बीच मुक्त व्यापार सम्झौते (एफटीए) तक पहुंचने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को हर देश को टैरिफ की चेतावनी और इसके कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था में उथल-पुथल को आशंका को देखते हुए भारत और ईयू जल्द से जल्द यह समझौता कर लेना चाहते हैं।
पीएम मोदी और उर्सुला वॉन डेर के बीच शुक्रवार को दिल्ली के हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता हुई। इस दौरान दोनों नेताओं के साथ उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद था। बातों के बाद संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग में पीएम मोदी ने कहा, हमने व्यापार, प्रौद्योगिकी, निवेश, नवाचार, हरित विकास, सुरक्षा, कौशल और गतिशीलता के क्षेत्रों में सहयोग का खाका तैयार
किया है। हमने अपनी टीमों को इस साल के अंत तक द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौता करने का निर्देश दिया है। हमने 2025 से आगे की अवधि के लिए भारत-इंदू साझेदारी के लिए साहसिक और महत्वाकांक्षी रोडमैप बनाने का फैसला किया है। इसे अगले भारत-ईयू शिखर सम्मेलन में लॉन्च किया जाएगा। भारत इस वर्ष के अंत में शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने वाला है।
लेयेन ने कहा कि ईयू अपने करीबी सहयोगियों जापान और दक्षिण कोरिया के साथ की गई साझेदारी की तरह ही भारत के साथ रक्षा और सुरक्षा समझौते को मजबूत करने पर विचार कर रहा है। इसी अध्यक्ष अपने साथ, यूरोप के कई देशों दौरे के वरिष्ठ नेताओं की टीम लेकर दो दिन के दौरे पर. भारत में हैं। पिछले जून में यूरोपीय संसदीय चुनावों के बाद यह इस तरह की पहली यात्रा है।
