प्रयागराज। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को सर्किट हाउस में प्रयागराज और विंध्याचल मंडल के सात जिलों के 23 विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के साथ उच्चस्तरीय । बैठक कर विकास कार्यों का खाका खींचा। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से उनके निर्वाचन क्षेत्रों की जन अपेक्षाओं, समस्याओं और प्राथमिकताओं पर सीधे संवाद किया।
इसमें बैठक में जनप्रतिनिधियों की ओर से 3999 प्रस्ताव सौंपे गए, जिस पर करीब 14071 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। – प्रयागराज मंडल के 2693 प्रस्ताव पर 8721 करोड़ रुपये और विंध्याचल मंडल के 1306 प्रस्तावों पर 5350 करोड़ रुपये अनुमानित है।सीएम ने कहा कि बैठक का उद्देश्य केवल विभागीय योजनाओं की समीक्षा नहीं बल्कि जनप्रतिनिधियों की जमीनी समझ और अनुभव के माध्यम से राज्य के क्षेत्र विशेष की समस्याओं को प्राथमिकता से समझना और समाधान सुनिश्चित करना है।
जनप्रतिनिधियों के द्वारा प्राथमिकता के आधार पर जो प्रस्ताव उपलब्ध कराए जाएंगे, उन पर शीघ्रता से कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। 15 सितंबर के बाद प्राथमिकताओं के आधार पर कार्यों का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान के नाते प्रयागराज और विंध्याचल क्षेत्र के विकास को सरकार प्राथमिकता दे रही है। बैठक में जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत किए गए सभी कार्यों के प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई। लोक निर्माण विभाग और धर्मार्थ कार्य विभाग को निर्देशित किया कि जनप्रतिनिधियों से वार्ता कर उनके द्वारा प्रस्तावित कार्यों को प्राथमिकता से समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण ढंग से क्रियान्वयन किया जाए।
प्रस्तावित कार्यों में ब्लॉक मुख्यालयों तक कनेक्टिविटी, इण्टर-कनेक्टिविटी सड़कें, धार्मिक स्थलों तक पहुंच मार्ग, लॉजिस्टिक्स हब, बाईपास, आरओबी / अंडरपास, फ्लाई ओवर, मेजर एवं माइनर ब्रिज, रोड सेफ्टी उपाय जैसे अनेक कार्य शामिल रहे। यह सभी कार्य भौगोलिक चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों को जोड़ने का कार्य करेंगे, साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने में भी सहायक सिद्ध होंगे।
मुख्यमंत्री ने नगर विकास विभाग को निर्देश दिए कि विभाग द्वारा किसी परियोजना का प्रस्ताव तैयार करने से पूर्व स्थानीय जनप्रतिनिधियों का मार्गदर्शन जरूर प्राप्त कर लिया जाए। वहीं जो भी कार्य किए जाएं उस क्षेत्र से संबंधित जनप्रतिनिधियों का नाम शिलापट्ट पर अवश्य हो।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, राज्य मंत्री संजीव गोंड, महापौर उमेश चंद्र गणेश केसरवानी, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रयागराज डॉ. वीके सिंह आदि मौजूद रहे।
