यरूशलम/दुबई/वाशिंगटन। इस्राइल ने ईरान पर बड़ा हमला करते हुए उसके कई परमाणु और मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया है। हमले में ईरान के सेना प्रमुख समेत 20 वरिष्ठ सैन्य कमांडर और छह परमाणु वैज्ञानिक भी मारे गए हैं। इस्त्राइल के राइजिंग लॉयन ऑपरेशन में 200 लड़ाकू विमानों ने ईरान के 100 ठिकानों को निशाना बनाया। ईरानी मीडिया एजेंसी नूरन्यूज ने कहा, तेहरान के रिहायशी इलाकों में बृहस्पतिवार देर रात इस्राइली हमले में 78 लोगों की मौत हुई और 329 घायल हुए हैं। इस्त्राइल के इस हमले से पश्चिम एशिया में दो कट्टर दुश्मनों के बीच व्यापक युद्ध की आशंका बढ़ गई है। ईरान ने जवाबी हमले में 100 से ज्यादा ड्रोन भी दागे, पर इस्राइल ने सभी को नाकाम कर दिया। ईरान के सुप्रीम नेता अयातुल्ला अली खामनेई ने यहूदी राष्ट्र को कड़ी सजा देने की चेतावनी दी है। क्षेत्र के देशों ने इस्राइल के हमले की निंदा की, जबकि दुनियाभर के नेताओं ने दोनों पक्षों से तत्काल तनाव कम करने का आह्वान किया। इस्राइली सेना ने कहा, तबाह किए ठिकानों में नतांज स्थित ईरान का मुख्य परमाणु संवर्धन केंद्र भी शामिल है। पश्चिमी ईरान में दर्जनों रडार प्रतिष्ठान और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल लांचरों को भी नष्ट कर दिया। इस्त्राइल का दावा है, बेहद खुफिया मिशन के तहत खुफिया एजेंसी मोसाद ने हमलों से पहले ईरान में ड्रोन व अन्य हथियार पहुंचा दिए थे। हवाई हमलों के साथ ही इन हथियारों से सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस्राइल ने शुक्रवार रात भी हमले किए। तेहरान और पवित्र शहर कोम के पास फोडों में विस्फोट हुए, यह दूसरा प्रमुख परमाणु स्थल है। इस बीच, ईरान ने भी शुक्रवार को तेल अवीव पर मिसाइल हमला कर दिया।
