इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता को शुक्रवार को विदाई दी गई। मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली के न्याय कक्ष में आयोजित फुल कोर्ट रेफरेंस में उनके न्यायिक योगदान और व्यक्तित्व की सराहना की गई l
मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली ने शायर वसीम बरेलवी की पंक्तियां पढ़ीं। जहां रहेगा वहीं रौशनी लुटाएगा, किसी चराग का अपना मकान नहीं होता। न्यायमूर्ति गुप्ता जहां भी रहेंगे, न्याय की रोशनी फैलाते रहेंगे। महाधिवक्ता अजय कुमार मिश्र ने कहा कि न्यायमूर्ति गुप्ता ने सदैव संतुलित, न्यायपूर्ण और विधि-सम्मत दृष्टिकोण अपनाया। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पांडेय ने उन्हें बार-ओरिएंटेड जज बताते हुए कहा कि उन्होंने कनिष्ठ अधिवक्ताओं को प्रोत्साहित किया।
न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता ने कहा कि 1987 में मैंने इसी हाईकोर्ट से एक युवा वकील के रूप में अपनी यात्रा शुरू की थी। यह हाईकोर्ट मेरे लिए केवल कार्यस्थल नहीं, बल्कि मेरा दूसरा घर है। इस दौरान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सचिव अखिलेश शर्मा, एडवोकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष सगीर अहमद, सचिव ईशान देव गिरि रहे।
न्यायमूर्ति जेके उपाध्याय ने वकीलों से की मुलाकात……. इलाहाबाद हाईकोर्ट में नवनियुक्त न्यायमूर्ति जय कृष्ण उपाध्याय ने शुक्रवार को शासकीय अधिवक्ता कार्यालय में अधिवक्ताओं से मुलाकात की। उन्होंने बुधवार को न्यायमूर्ति पद की शपथ ली है। कार्यवाहक शासकीय अधिवक्ता पतंजलि मिश्र और कार्यवाहक मुख्य स्थायी अधिवक्ता मनोज सिंह ने उनका स्वागत किया। इस दौरान अधिवक्ता मृत्युंजय तिवारी, नागेंद्र श्रीवास्तव, झम्मन राम थे।
