प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) और उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग शिक्षक भर्ती के लिए तैयार हैं, लेकिन माध्यमिक शिक्षा विभाग से दोनों आयोगों को सहयोग न मिलने के कारण 33 हजार से अधिक पदों पर भर्तियां फंसी हुई हैं।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को राजकीय माध्यमिक विद्यालयों और उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक व प्रवक्ता के पदों पर भर्ती करनी है। यूपीपीएससी को भर्ती के लिए जहां आधा-अधूरा’ अधियाचन मिला है, वहीं शिक्षा सेवा चयन आयोग को कोई अधियाचन ही नहीं मिला है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने तीन माह पहले माध्यमिक शिक्षा विभाग को पूर्व में भेजा गया अधियाचन वापस कर दिया था और कहा था कि विषयवार आरक्षण का निर्धारण करने के बाद अधियाचन दोबारा भेजा जाए। सूत्रों के मुताबिक, माध्यमिक शिक्षा विभाग ने यूपीपीएससी को प्रवक्ता व एलटी ग्रेड के 9017 पदों का अधियाचन ‘भेजा है, लेकिन तकनीकी अड़चन के कारण भर्ती फंसी हुई है।
कुल 20 विषयों में प्रवक्ता के पदों पर भर्ती होनी है। आयोग को पुरुष वर्ग में 19 विषयों व महिला वर्ग में केवल एक विषय का अधियाचन मिला है। जब तक दोनों वर्गों में सभी 20 विषयों का अधियाचन नहीं मिल जाता, तब तक आयोग नई भर्ती के लिए विज्ञापन जारी नहीं कर सकेगा वहीं, आरक्षण का निर्धारण होने के बाद परीक्षण की प्रक्रिया पूरी न होने के कारण एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती (सहायक अध्यापक) का अधियाचन भी अटका है।
दूसरी ओर अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में नई शिक्षक भर्ती शुरू करने के लिए शिक्षा सेवा ‘ चयन आयोग के प्रतिनिधि माध्यमिक शिक्षा विभाग के अफसरों के साथ कई बैठकें कर चुके हैं। हर बैठक में माध्यमिक शिक्षा विभाग से अधियाचन भेजने के लिए कहा गया, लेकिन आयोग को अब तक अधियाचन नहीं मिल सका है। सूत्रों के मुताबिक, अशासकीय विद्यालयों में सहायक अध्यापक के 20,465 व प्रवक्ता के 4384 पद खाली हैं।
