प्रयागराज। नई शिक्षा नीति के तहत राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के शिक्षाशास्त्र विभाग में चार वर्षीय बीए-बीएड पाठ्यक्रम के संचालन को आधिकारिक मान्यता प्रदान कर दी है।चार वर्षीय एकीकृत अध्यापक शिक्षा कार्यक्रम (आईटीईपी) के तहत इस चार वर्षीय पाठ्यक्रम का संचालन सत्र 2026-27 से शुरू होगा। इसके तहत शिक्षक-निर्माण में बहु-विषयी दृष्टिकोण, ज्ञान, मूल्य-निर्माण व श्रेष्ठ मार्गदर्शकों के अंतर्गत व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
यह एक विशेष दोहरी प्रमुखता वाला स्नातक कार्यक्रम है जिसके सफल समापन पर विद्यार्थियों को दोहरी उपाधि प्राप्त होगी। इसमें उन्हें शिक्षाशास्त्र में स्नातक (बीएड) की उपाधि के साथ कला संकाय (बीए) के किसी एक चुने हुए विषय में भी मेजर डिग्री प्रदान की जाएगी।इस पाठ्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ऐसे शिक्षक तैयार करना है जो प्रेरित, योग्य, व्यावसायिक रूप से प्रशिक्षित और समकालीन शिक्षण उपकरणों से सुसज्जित हों। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को विषयवस्तु, शिक्षण-शास्त्र, मूल्य एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण में उच्चतम गुणवत्ता प्रदान करेगा।
नई शिक्षा नीति-2020 के अनुसार वर्ष 2030 तक चार वर्षीय एकीकृत बीएड डिग्री ही स्कूली शिक्षकों के लिए न्यूनतम योग्यता बन जाएगी। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को केवल अत्याधुनिक शिक्षाशास्त्र ही नहीं बल्कि समाजशास्त्र, इतिहास, मनोविज्ञान और भारतीय ज्ञान परंपरा में भी एक मजबूत आधार प्रदान करेगा।
इविवि की पीआरओ प्रो. जया कपूर ने बताया कि कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव के प्रयासों से विश्वविद्यालय के खाते में यह बड़ी उपलब्धि आई है।
