आलोक कुमार त्रिपाठी वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन पर देश के द्वादश ज्योतिर्लिंग और 48 शक्तिपीठों पर एक साथ वेदमंत्र गूंजेंगे। देश के शीर्ष 1100 संत 1100 कमलदल से शिव और शक्ति की आराधना करेंगे। अखिल भारतीय संत समिति ने इसका खाका भी तैयार कर लिया है। द्वादश ज्योतिर्लिंग और 48 शक्तिपीठों पर एक साथ दिन में 11 बजे आयोजन शुरू होंगे।अखिल भारतीय संत समिति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मोत्सव की शुरुआत श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से करेगी। समिति के सभी प्रदेश महामंत्री 17 सितंबर को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा विश्वनाथ का 1100 कमल के फूलों से सहस्त्रार्चन करेंगे। अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस बार प्रधानमंत्री के जन्मोत्सव कोबेहद खास तरीके से मनाया जाएगा। संत समिति पूजन की शुरुआत श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से करेगी। इसके साथ ही देश के द्वादश ज्योतिलिंग और 48 शक्तिपीठों में एकसाथ सहस्त्रार्चन होगा। भारत को आध्यात्मिक शक्तियों को मजबूत करने के लिए संत समिति तीने प्रधानमंत्री के जन्मोत्सव पर इस अनुष्ठान को करने का निर्णय लिया है।काशी विश्वनाथ धाम में शामिल होंगे प्रमुख संत श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में अखिलभारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती के मार्गदर्शन में सहस्त्रार्चन होगा। इसमें महामंडलेश्वर मनमोहनदास राधे बाबा महामंडलेश्वर हस्सनंद गिरि, जगद्गुरु कौलाचार्य, जगद्गुरु बालकदेवाचार्य, स्वामी विमल देव, महामंडलेश्वर अलखनाथ, महत ने रामलोचन दास, महंत ईश्वरदास समेत सभी प्रदेशों के महामंत्री रहेंगे।
