मकर संक्रांति पर 15 जनवरी को मेला प्रशासन का अनुमान है कि संगम समेत विभिन्न घाटों पर एक करोड़ श्रद्धालु स्नान कर सकते हैं। पौष पूर्णिमा स्नान पर 31 लाख लोगों के आने के बाद रविवार को प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने बैठक कर नए सिरे से तैयारियां शुरू कर दी हैं।
मकर संक्रांति पर पहले मेला प्रशासन ने 50 लाख लोगों के आने का अनुमान लगाया था। 15 जनवरी 2024 में मकर संक्रांति पर 29 लाख लोगों ने स्नान किया था। 2023 में यह संख्या कम रही। वहीं, 2025 में महाकुंभ में तीन करोड़ 50 लाख श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई थी। मौनी अमावस्या, वसंत पंचमी, माघ पूर्णिमा और महाशिवरात्रि को लेकर भी अनुमानित संख्या बढ़ गई है। माघ मेले के संपूर्ण अवधि में 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है।
पौष पूर्णिमा स्नान के बाद व्यवस्थाओं की समीक्षा
माघ मेले के प्रथम स्नान पर्व पौष पूर्णिमा के सकुशल संपन्न होने के बाद सोमवार को मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने मेला क्षेत्र की व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रथम स्नान के दौरान सामने आईं कठिनाइयों व उनके निराकरण को लेकर विभिन्न विभागों से जानकारी ली। मंडलायुक्त ने मेला क्षेत्र में नल, विद्युत, शौचालय सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का आकलन किया। जहां-जहां सुधार की आवश्यकता पाई गई, वहां अतिशीघ्र कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बैठक के बाद मंडलायुक्त ने संगम नोज सहित मेला क्षेत्र के विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया और मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी स्नान पर्वों को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ किया जाएगा ।
