जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के खन्नी टॉप में वीरवार को गहरी खाई में वाहन गिरने से बलिदान हुए सेना के 10 जाबाजों की नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। इस हादसे से 10 परिवारों के सपने बिखर गए। जम्मू के टेक्निकल एयरपोर्ट परिसर में श्रद्धांजलि समारोह हुआ।
यहां उपराज्यपाल मनोज सिन्हा सहित व्हाइट नाइट कौर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल पीके मिश्रा, पुलिस महानिरीक्षक जम्मू जोन भीमसेन टूटी, सीआरपीएफ जम्मू के महानिरीक्षक आर गोपाल कृष्ण राव सहित वायुसेना, अर्धसैनिक बलों, पुलिस और नागरिक प्रशासन के अधिकारियों बलिदानियों को पुष्पांजलि अर्पित की। सेना के जवानों मे बलिदानियों को सलामी दी। इसके बाद बलिदान जवानों के पार्थिव शरीर उनके गृह नगरों के लिए रवाना कर दिए गए। वहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
बलिदानियों में बुलंदशहर के मोनू, हापुड़ के रिखिल भी : हादसे में बलिदान 10 जवानों में दी हरियाणा के रहने वाले थे। मोहित झज्जर, सुधीर नरवाल यमुनानगर के निवासी थे। यूपी के बुलंदशहर के मोनू और हापुड़ के रिखिल बालियान, पंजाब के रूपनगर के जोबनजीत सिंह, ग्वालियर के शैलेंद्र सिंह भदौरिया, बंगाल के समीरन सिंह, रांची के पुरलिया के प्रद्युम्न लोहार पुरुलिया, बिहार के भोजपुर बिहटा के हरे राम कुमार, झारखंड के रांची के अजय लाकरा का पार्थिव शरीर घर भेजा गया है।
उपाचाराधीन जवानों की हालत स्थिर : उधमपुर सैन्य अस्पताल में भर्ती उपाचाराधीन जवानों की हालत स्थिर बताई जा रही है। बता दें डोडा के खन्नी टॉप इलाके में वीरवार को सड़क पर जमे पाले के कारण सेना का कैस्पिर वाहन (विस्फोटरोधी वाहन) सड़क से फिसलकर 200 फीट गहरी खाई में गिर गया था।
