नीतेश सोनी ब्यूरो/ प्रयागराज इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजियाबाद व गौतमबुद्धनगर में जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी पंजीकृत करने पर रोक लगाने की मांग में दाखिल याचिका पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए संपत्ति बेचने को वैध करार दिया है, इसलिए इस पर रोक नहीं लगाई जा सकती।कोर्ट ने गाजियाबाद में पावर ऑफ अटॉर्नी से फर्जी ट्रांजेक्शन के जरिए प्रदेश के बाहर की बड़ी संख्या में संपत्तियां बेचकर सरकार को स्टाम्प शुल्क का नुकसान पहुंचाने मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) को चार माह में जांच रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
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