खोराबार के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पीएचसी पर तैनात डॉक्टर और उसके साथी को फर्जी मेडिकल की डिग्री बेचने के आरोप में पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया। दोनों आरोपियों एम्स क्षेत्र के आवास विकास कॉलोनी निवासी डॉ. राजेश कुमार और इसके साथी संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद कोतवाली के पठान टोला निवासी सुशील चौधरी के पास से एमबीबीएस बीएमएस और डीफार्मा 21 फर्जी डिग्रियां व चार मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। यहां डिग्री मेरठ मुरादाबाद कर्नाटक पंजाब राजस्थान छत्तीसगढ़ की यूनिवर्सिटी के नाम से बनी है। एक गिरोह के साथ डॉक्टर फर्जी डिग्री बनाने का ठेका लेता था। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि उरुवा बाजार के लोहरा निवासी सूर्य प्रताप सिंह सितंबर 2024 में डॉ. राजेश के खिलाफ फर्जी डिग्री बेचने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था। सूर्य प्रताप ने आरोप लगाया था। 20 दिसंबर 2022 को परिचय राजेश से हुआ था। डॉक्टर ने परिचित के सिकोहाबाद स्थित कॉलेज में डी फार्मा में एडमिशन के नाम पर 80 हजार लिए थे। फिर 13 मार्च 2023 को एडमिट कार्ड और रिजल्ट देख कर बोले कि पास हो गए। संडे होने पर जेएस विश्वविद्यालय जाकर रिजल्ट चेक कराया तो फर्जी होने की जानकारी मिली।
