बहरिया (प्रयागराज)। सिकंदरा स्थित गाजी मियां की दरगाह पर रविवार को लगने वाले रोजा मेले को लेकर विवाद खड़ा हो गया। रात में ही दरगाह के गेट पर ताला लगा दिया गया। मेला कमेटी के अध्यक्ष ने दोपहर में कहा कि पुलिस ने मेला न लगाने को कहते हुए गेट पर ताला लगवाया। हालांकि शाम को बयान से पलट गए और कहने लगे कि मरम्मत कार्य के चलते उन्होंने खुद ताला लगाया। उधर अफसर इसमें पुलिस की किसी भूमिका से इन्कार करते रहे।
फूलपुर तहसील के बहरिया ब्लॉक स्थित सिकंदरा कस्बे में महमूद गजनवी के भांजे सैयद सालार मसूद गाजी मियां शाह की दरगाह पर कई वर्षों से प्रत्येक रविवार और बुधवार को रोजा मेला लगता है। वैसाख के महीने में तीन दिवसीय मेले का आयोजन होता है। गाजी मियां के अनुयायी मेला समाप्त होने पर यहां से बरात लेकर बहराइच के लिए पैदल जाते हैं।
संभल में मेला पर रोक लगने के बाद कुछ क्षेत्रीय लोगों ने सोशल मीडिया पर गाजी मियां की दरगाह को फर्जी बताकर रोजा मेला बंद कराने की मांग की थी। सुबह पांच बजे के करीब जब लोग पहुंचे तो दरगाह के गेट पर पुलिस खड़ी थी और भीतर गाजी मियां की मजार के गेट पर ताला लगा मिला।
दरगाह की ओर जाने वाले रास्तों पर भी बैरियर लगाकर आवागमन रोक दिया गया था। इस संबंध में रोजा मेला कमेटी के अध्यक्ष सफदर जावेद से दोपहर में बात की गई तो उन्होंने साफ कहा कि रात में एसीपी, थानाध्यक्ष आए थे और कहा कि मेला नहीं लगेगा।
सुबह चार बजे थाने की फोर्स पहुंची और दुकानदारों को भगाना शुरू कर दिया। अंशू सिपाही ने फोन किया और गेट पर ताला लगाने को कहा। सिपाही के दबाव बनाने पर ही उनके घर के सलमान ने अंदर मजार गेट पर ताला लगा दिया जबकि हमने बताया कि सीओ, एसओ ने ताला लगाने की बात नहीं कही है लेकिन उसने कोई बात नहीं सुनी।
हालांकि शाम होते-होते अध्यक्ष का एक वीडियो सामने आया, जिसमें वह अपने बयान से पलट गए। इसमें वह यह कहते दिखाई दिए कि दरगाह के अंदर गाजी मियां की मजार के गेट पर मरम्मत कार्य के चलते उन्होंने खुद ताला लगाया। बाकी मजार पर लोग आ जा रहे हैं और कोई दिक्कत परेशानी नहीं है।
