अहमदाबाद। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि वक्फ कानून संविधान विरोधी और धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला है। भाजपा-आरएसएस जल्द ही ईसाइयों, सिखों और दूसरे अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर भी आक्रमण करेंगे।
अहमदाबाद में पार्टी के 84 वें अधिवेशन को संबोधित करते हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि आरएसएस से जुड़ी पत्रिका आर्गेनाइजर में ईसाइयों की भूमि को निशाना बनाने की बात कही गई है। इसके बाद सिख समुदाय के साथ भी ऐसा होगा। राहुल ने कहा कि देश की जनता भाजपा से तंग आ चुकी है और बिहार के विधानसभा चुनाव में यह दिखाई देगा। उन्होंने इस बात पर खासा जोर दिया कि आने वाले समय में बदलाव होने वाला है। लोगों का मूड दिख रहा है। संसद में जाति गणना की मांग उठाए जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि तेलंगाना में जातिगत सर्वेक्षण के रूप में क्रांतिकारी कदम उठाया गया है। इसका मकसद यह पता लगाना है कि किसकी कितनी भागीदारी है। राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस ने जाति गणना से साफ इन्कार किया है। उन्होंने दोहराया कि केंद्र में कांग्रेस और विपक्ष की सरकार ओने पर जाति गणना कराई जाएगी। साथ ही कांग्रेस नेता ने कहा कि निजी क्षेत्र में देश की 90 फीसदी आबादी की भागीदारी न के बराबर है। उन्होंने कहा कि आरक्षण की 50 फीसदी की दीवार को तोड़ा जाएगा।
भाजपा की सरकार पर संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए राहुल ने कहा कि केंद्र अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी के लिए दरवाजे बंद कर रहा है। राहुल ने अग्निपथ योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि गरीबों, दलितों, आदिवासियों के लिए सेना में जाने के अवसर खत्म कर दिए गए हैं।
