इंदौर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने चिकित्सा में स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए हुई राष्ट्रीय पात्रता-सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) के नतीजों की घोषणा पर अंतरिम रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने यह फैसला एक छात्रा की याचिका पर सुनाया, जिसने दलील दी कि उसके परीक्षा केंद्र में बिजली कटौती से उसकी परीक्षा प्रभावित हुई। चार मई को हुई इस परीक्षा के दौरान खराब मौसम के कारण इंदौर में कई जगह बिजली कटौती का संकटहुआ था। अदालत के इस निर्देश का असर 21 लाख से अधिक अभ्यर्थियों पर पड़ेगा, जो नीट-यूजी में बैठे थे। याचिकाकर्ता ने अदालत से उसे दोबारा परीक्षा में बैठने का मौका देने की मांग की है। याची को अंतरिम राहत देते हुए जस्टिस सुबोध अभ्यंकर ने कहा कि बिजली कटौती के कारण उनकी परीक्षा प्रभावित हुई और अधिकारी परीक्षा के दौरान उचित व्यवस्था कराने में विफल रहे। सुनवाई की अगली तिथि तक नीट-यूजी का परिणाम घोषित नहीं करने का निर्देश दिया।
