आस्टिन/वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड की नई आवजन नीति के विरोध में लाएं जिलिस शुरू हुए विरोध प्रदर्शन देश के 12 राज्यों के 25 शहरों में फैल चुका है। विरोध-प्रदर्शन रोकने के लिए नेशनल गार्ड व नौसेना भेजना ट्रंप प्रशासन को और भारी पड़ता नजर आ रहा है। भड़के लोग देश भर में हिंसा पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारियों ने सप्ताहांत में बड़े प्रदर्शनों की योजना बनाई है।
वॉशिंगटन, पेंसिलवेनिया, मिशिगन, मैसाचुसेट्स, ओरेगन, मिनेसोटा, न्यूयॉर्क, नेवादा, न्यू मैक्सिको, कैंट की, कैलिफोर्निया राज्य प्रदर्शनों से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। बुधवार को डेन राज्यों के विभिन्न शहरों में प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की और आव्रजन-सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) के खिलाफ बैनर लहराते हुए मुख्य मार्गों पर यातायात बाधित कर दिया। कई जगहों पर कानून प्रवर्तन अधिकारियों के साथ झड़पें भी हुई। अधिकारियों ने कई जगह प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारियां कीं और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए रासायनिक उत्तेजक पदार्थों का इस्तेमाल भी किया। शनिवार को पूरे देश में नो किंग्स (कोई राजा नहीं) कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जो वाशिंगटन में राष्ट्रपति ट्रंप की योजनाबद्ध सैन्य परेड के साथ मेल खाएंगे। इस बीच, ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि वह देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बावजूद छापे और निर्वासन का कार्यक्रम जारी रखेगा। गृह सुरक्षा मंत्री क्रिस्टी नोएम ने कानून लागू आईसीई कोई ढील नहीं बरतेगी। उधर, सान फ्रांसिस्को, न्यूयॉर्क सिटी, शिकागोडेनवर, डलास, बोस्टन, वाशिंगटन, ऑस्टिन आदि शहरों में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया। सभी जगह आव्रजन वापसी कीमांग की गई। इस बीच, लॉस एंजिलिस के एक वर्ग मील (2.59 वर्ग किलोमीटर) इलाके में मेयर कैरेन बास ने कर्फ्यू लगा दिया।
