प्रयागराज । फूलपुर की किशोरी के जबरन धर्मांतरण और जिहादी प्रशिक्षण का दबाव बनाने के मामले में एक अहम जानकारी सामने आई है। इस साजिश के मुख्य संदिग्ध माने जा रहे ताज ने किशोरी के लापता होने के बाद अपने गांव फूलपुर के जोगिया शेखपुर स्थित घर में कुछ दिन बिताए थे। माना जा रहा है कि वहमामले को लेकर हो रही हलचल जानने ही घर आया था। मामले में धर्मांतरण और पॉक्सो की धारा बढ़ा दी गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार ताज 11 जून तक फूलपुर के जोगिया शेखपुर स्थित अपने घर में रहा। इसके बाद वह अचानक लापता हो गया था। पुलिस को उसके केरल, दिल्ली या किसी अन्य राज्य में छिपे होने की आशंका है। उसकी तलाश में स्थानीय पुलिस की तीन टीमें लगाई गई हैं। दरअसल, अब तक की जांच में स्पष्ट हुआ है कि ताज ही मामले का मुख्य संदिग्ध है। दरकशा व किशोरी को वह दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मिला था और उसने ही दोनों को केरल की ट्रेन में बैठाया था। एक पर्ची पर नंबर लिखकर भी दिया था।
किशोरी ने पुलिस को बयान दिया है कि पर्ची पर लिखे नंबर पर ही संपर्क कर दरकशा ने कार मंगवाई थी। इसी कार से उसे केरल स्थित एक हॉस्टल में ले जाकर ठहराया गया। यह वही हॉस्टल था जहां उसे धार्मिक कट्टरता और जिहादी प्रशिक्षण की ओर धकेलने का प्रयास किया गया।
