HomeदेशAI और साइबर सिक्योरिटी पर जोर: मिशन कर्मयोगी के तहत प्रशिक्षण को...

AI और साइबर सिक्योरिटी पर जोर: मिशन कर्मयोगी के तहत प्रशिक्षण को लेकर सीएम योगी के निर्देश

अधिकारियों और कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने के लिए कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रम अनिवार्य होगा। ये कार्यक्रम सात दिनों का होगा। साथ ही इसे कर्मचारियों के प्रमोशन एवं एसीआर से भी जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को मिशन कर्मयोगी के तहत उच्चस्तरीय बैठक में यह निर्देश देते हुए राज्य में अब तक हुई प्रगति और आगामी कार्ययोजना की समीक्षा की।

 

बैठक में कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की चेयरपर्सन एस. राधा चौहान ने उत्तर प्रदेश में मिशन के क्रियान्वयन की स्थिति को लेकर ‘विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की। इस दौरान सीएम ने कहा कि मिशन कर्मयोगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिवर्तनकारी पहल है, जिसका उद्देश्य वैश्विक दृष्टिकोण के साथ भारतीय संस्कृति के मूल्यों को आत्मसात करते हुए ऐसे सक्षम मानव संसाधन तैयार करना है, जो प्रदेश और देश के विकास की शक्ति बने। उन्होंने कहा कि यह पहल शासन व्यवस्था को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप अधिक संवेदनशील, उत्तरदायी और परिणामोन्मुख बनाने में निर्णायक भूमिका निभा रही है।

 

उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभाग व सरकारी संस्थाएं जरूरत के अनुसार पाठ्यक्रम बनाकर भारत सरकार के ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म आईगॉट पोर्टल पर अपलोड करें। कहा, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए सात दिवसीय कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रम को अनिवार्य बनाएं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उपाम सहित प्रदेश में संचालित सभी ट्रेनिंग सेंटर्स के लिए समय की आवश्यकता को देखते हुए कैपेसिटी बिल्डिंग पाठ्यक्रम बनाएं, जिससे ट्रेनिंग सेंटर में ही नव प्रशिक्षणार्थियों की कार्यदक्षता को और बढ़ाया जा सके। सभी विभागों एवं सरकारी संस्थाओं के पाठ्यक्रम में एआई व साइबर सिक्योरिटी को अनिवार्य रूप से शामिल करें।

 

मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता, नियमित मूल्यांकन और व्यावहारिक उपयोगिता पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों में कार्यरत अभियंताओं को नई डिजाइन एवं नई तकनीकि का ज्ञान प्राप्त हो सके, इसका भी ध्यान रखा जाए। यह भी निर्देश दिया कि मिशन कर्मयोगी के तहत एएनएम, आशा कार्यकर्ता, पुलिस कांस्टेबल, पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय निकायों से जुड़े फील्ड कर्मियों के लिए व्यवहारिक, कार्य-आधारित और जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रम एवं प्रशिक्षण को प्राथमिकता दी जाए

 

देश भर के 790 से अधिक सरकारी प्रशिक्षण संस्थान होंगे आधुनिक मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत केंद्र में 30 लाख से अधिक सिविल सेवकों, राज्यों में लगभग 2.2 करोड़ कार्मिकों तथा शहरी स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं में लगभग 50 लाख कार्मिकों को क्षमता संवर्धन से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इस मिशन के माध्यम से देश भर के 790 से अधिक सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों को आधुनिक बनाया जा रहा है। सभी सिविल सेवकों के सतत एवं समग्र ऑनलाइन प्रशिक्षण के लिए आईगॉट (इंटीग्रेटेड गवर्नमेंट ऑनलाइन ट्रेनिंग) डिजिटल प्लेटफॉर्म की स्थापना की गई है। आईगॉट प्लेटफॉर्म आज विश्व का सबसे बड़ा सरकार प्रेरित क्षमता निर्माण मंच बन चुका है। इस पर अब तक 1.45 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता पंजीकृत हो चुके हैं।

 

Freedom News
Freedom Newshttps://freedomnews.in
Now get the fairest, reliable and fast news, only on Freedom News.in. Find all news related to the country, abroad, sports, politics, crime, automobile, and astrology in Hindi on Freedom News.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments