अब तक’ भगवान ‘को भगवान से ही नहीं इंसानों से भी नहीं मिल रही मदद। प्रयागराज के जारी के गीज गांव में रहने वाले प्रमोद केसरवानी उर्फ भगवान को भले ही सब ‘ भगवान ‘के नाम से पुकारते हैं लेकिन शारीरिक तौर पर सक्षम ना होने के कारण वह हमेशा दूसरों पर ही निर्भर रहे। 
तकरीबन 47 वर्ष के भगवान प्रयागराज के सबसे छोटे व्यक्ति है। उनकी लंबाई मात्र ढाई फीट की है ।ऐसे में उनका अकेले आना जाना और दूसरे काम करना मुमकिन नहीं हो पाता है ।उन्हें अपने काम के लिए किसी ना किसी के साथ और सहयोग की जरूरत पड़ती रहती है। इसी कारण वह कहीं आ जा भी नहीं पाते हैं । करीब 6 वर्ष पहले उनकी शादी हुई और उनकी पत्नी भी तकरीबन 3 फीट लंबी ही है। ऐसे में भगवान की जिम्मेदारियां दुगनी हो गई है। बीते दिनों पिता राम चंद्र केसरवानी के गुजर जाने के बाद उनकी दिक्कतें कई गुना ज्यादा हो गई है।
भगवान कहते हैं कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि मेरे पास ना तो कोई रहने के लिए आवास है, ना ही रसोई गैस है और ना ही शौचालय है। ऐसे में हम दोनों पति पत्नी अनेकों दिक्कतों और परेशानियों का सामना करने के लिए मजबूर है। कई बार जिले के डीएम और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर गुहार भी लगाई लेकिन अब तक किसी ने इस मामले में सुध तक नहीं ली। इसी तरह मदद की आस में दंपत्ति अपना जीवन बड़ी मुश्किलों से काट रहे हैं।
Samiksha
