न्यूयॉर्क। ईरान पर अमेरिकी हमले को लेकर रविवार को बुलाए गए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में दोनों पक्षों में जोरदार तनातनी देखने को मिली। एक ओर जहां अमेरिका ने ईरान से इस्राइल को खत्म करते का प्रयास रोकने, परमाणु हथियार हासिल करने से बचने, अमेरिकी नागरिकों और हितों को निशाना बनाना बंद करने और सद्भावना से शांति वार्ता करने का आह्वान किया वहीं रूस ईरान पर हाल ही में किए गए सैन्य हमलों के लिए अमेरिका की तीखी आलोचना की। रूस ने वाशिंगटन पर वैश्विक सुरक्षा के लिए संभावित विनाशकारी परिणामों वाले बर्र के छत्ते को छेड़ने का आरोप लगाया।
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत डोरोथी शीया ने ईरान में परमाणु सुविधाओं के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का बचाव किया। शीया ने कहा, यह अभियान वैश्विक असुरक्षा के लंबे समय से चले आ रहे संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुसार इस्त्राइल को आत्मरक्षा के अपने अधिकार में मदद करने के लिए शुरू किया गया था। उन्होंने विश्व शांति-सुरक्षा बनाए रखने के अपने मूल मिशन को पूरा करने के लिए इस्राइली राज्य खत्त्म करने का ईरानी शासन का 47 साल से जारी प्रयास खत्म करने का आह्वान किया।साथ ही उसके परमाणु हथियारों को पाने की कोशिशें खत्म करने तथा अमेरिकियों को निशाना बनाने से रोकने की मांग भी की। शीया ने कहा- फोर्डो, नतांज और इस्फहान में परमाणु सुविधाओं को निशाना बनाने के अमेरिकी मिशन का. उद्देश्य वैश्विक असुरक्षा के लंबे समय से चले आ रहे तेजी से बढ़ते स्रोत को खत्म करना और सहयोगी इस्राइल की मदद करनी था। उन्होंने कहा, 40 वर्षों से ईरानी सरकार अमेरिका व इस्त्राइल की मौत का नारा लगा रही है और अपने पड़ोसियों, अमेरिका और पूरी दुनिया की शांति और सुरक्षा के लिए लगातार खतरा बनी हुई है।
