रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी के खिलाफ महाराष्ट्र पुलिस की गैरजिम्मेदाराना तरीके से की गई कार्रवाई को लेकर देशभर के पत्रकारों में आक्रोश है।।
महाराष्ट्र सरकार ने जिस तरह से बदले की भावना से पुराने केस को पुलिसिया अमलीजामा पहना कर अर्नब गोस्वामी के साथ बर्बता दिखाई उससे पत्रकारों से लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों में भी गुस्से का माहौल है।
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में भी पत्रकारों में गुरुवार को महाराष्ट्र पुलिस के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। इलेक्ट्राॅनिक मीडिया क्लब, प्रयागराज के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पत्रकारों ने अपनी बांह में काली पट्टी बांध दिनभर कार्य करते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की।
इलेक्ट्राॅनिक मीडिया क्लब के संयोजक विरेंद्र पाठक, अध्यक्ष आलोक मालवीय और सचिव रितेश सिंह के नेतृत्व में एसडीएम के माध्यम राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंप संबंधित मामले में भारत के संविधान के तहत न्याय व उचित कार्यवाही और दोषी लोगों के खिलाफ दण्ड की मांग की।
साथ ही इलेक्ट्राॅनिक मीडिया से जुड़े पत्रकारों पर लगातार हो रहे हमले को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए पत्रकारों पर हमले के मामले में विश्व इंडेक्स में नीचले पायदान पर आने पर भी नाराजगी जताई। आपको बता दें कि अर्नब गोस्वामी को आत्महत्या के लिए उकसाने के लिए महाराष्ट्र पुलिस ने बर्बरतापूर्वक कार्रवाई करते हुए बुधवार को गिरफ्तार किया था।
माना जा रहा है कि महाराष्ट्र पुलिस ने अर्नब के साथ इस तरह की बदसलूकी राजनैतिक दबाव में आ कर की है। कानूनी जानकारों के अनुसार भी जिस प्रकार से महाराष्ट्र पुलिस ने अर्नब के खिलाफ कार्रवाई की, आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में ऐसी कठोरतम कार्रवाई नहीं की जाती। एक पत्रकार पर राजैनतिक दबाव में इस तरह की कार्रवाई पुलिसिया कार्यशैली पर भी सवालिया निशान पैदा करती है।
नीतेश सोनी


