लखनऊ। राजकीय महाविद्यालयों मैं असिस्टेंट प्रोफेसर (सहायक आचार्य) पद पर भर्ती के लिए अब अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा भी देनी होगी। कैबिनेट की बृहस्पतिवार को हुई बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के इससे जुड़े प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई है। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से उच्चतर शिक्षा सेवा नियमावली में संशोधन के तहत यह प्रस्ताव लाया गया था।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ‘ ने बताया कि वर्तमान में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर चयन लोक सेवा आयोग करता है। उच्चतर शिक्षा (समूह क) सेवा नियमावली 1985 के अंतर्गत केवल आयोग की ओर से साक्षात्कार के माध्यम से इनकी नियुक्ति की जाती थी। इसमें संशोधन करते हुए अब भर्ती लिखित परीक्षा (वस्तुनिष्ठ सवालों) व साक्षात्कार के संयुक्त अंकों के आधार पर की जाएगी।
उन्होंने बताया कि इसके लिए उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा (समूह क) सेवा (तृतीय संशोधन) नियमावली-2025 को जारी करने की कैबिनेट ने मंजूरी दी है। मंत्री नेकहा कि यह पद समूह क श्रेणी का अत्यंत महत्वपूर्ण पद है, जो विद्यार्थियों की शिक्षा, शोध और उनके भविष्य को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है। ऐसे में यह आवश्यक था कि चयन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष तथा गुणवत्तापूर्ण बनाया जाए।
