नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर में मजबूत हवाई रक्षा प्रणाली का प्रदर्शन कर चुके भारत ने इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। भारत ने ओडिशा तट’ से एकीकृत हवाई रक्षा हथियार प्रणाली (आईएडीडब्ल्यूएस) की पहला सफल उड़ान परीक्षण किया। यह प्रणाली दुश्मैन देशों के हवाई हमलों को रास्ते में नेस्तनाबूद कर देगी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आईएडीडब्ल्यूएस को विकसित करने वाले रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और सशस्त्र बलों को बधाई दी है।
स्वदेशी हवाई रक्षा प्रणाली का शनिवार को 12:30 बजे ओडिशा तट से परीक्षण किया गया। यह परीक्षण-ऑपरेशन सिंदूर के साढ़े तीन महीने बाद हुआ है। आईएडीडब्ल्यूएस बहुस्तरीय हवाई रक्षा प्रणाली है। इसमें त्वरित प्रतिक्रिया वाली सतह से हवा में मार करने वाली सभी स्वदेशीमिसाइल, बहुत कम दूरी की हवाई रक्षा प्रणाली मिसाइल और उच्च शक्ति वाली लेजर आधारित निर्देशित ऊर्जा हथियार (डीईडब्ल्यू) प्रणाली शामिल हैं। हवाई रक्षा प्रणाली को रिसर्च सेंटर इमारत और डीईडब्ल्यू को सेंटर फॉर हाई एनर्जी सिस्टम्स एंड साइंसेज ने विकसित किया है।
सभी हथियार प्रणाली घटकों को डीआरडीओ प्रयोगशाला की ओरसे विकसित केंद्रीकृत कमान और नियंत्रण केंद्र की ओर से नियंत्रित किया गया, जो इस परीक्षण से जुडे विकास कार्यक्रम की नोडल प्रयोगशाला है।
