बर्मिंघम। कप्तान के रूप में महज दूसरा टेस्ट खेल रहे 25 साल के शुभमन गिल ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट में 269 रन की रिकॉर्ड दोहरी शतकीय पारी के साथ साबित कर दिया कि कप्तानी का उन पर कोई दबाव नहीं है, बल्कि जिम्मेदारी के साथ तो वह और निखर रहे हैं। उन्होंने हेडिंग्ले के पहले टेस्ट में भी 147 रन की शानदार पारी खेली थी।
भारत ने पहली पारी में 587 रन बनाकर इंग्लैंड में 18 साल बाद 500 रन का आंकड़ा पार किया है और कुल 7वीं बार 500 प्लस का स्कोर बनाया है। वर्ष 2007 में भारत ने राहुल द्रविड़ की कप्तानी में 664 रन बनाए थे। बुमराह की अनुपस्थिति में भारत की युवा पेस बैटरी ने इंग्लैंड के पहले तीन विकेट 25 रन पर गिरा दिए थे। दूसरे दिन स्टंप्स के समय तक मेजबान टीम ने 3 विकेट पर 77 रन बना लिए हैं। जो रूट 18 और हैरी ब्रुक 30 रन बनाकर खेल रहे थे। इंग्लैंड के पेसर जहां दिशा भटक गए थे, वहीं भारतीय गेंदबाजों ने गति के साथ स्विंग भी दिखाई।
कप्तान गिल के रन भारत के लिए शुभसाबित हो सकते हैं, इस मैदान में भारत ने अब तक आठ मैचों में कभी जीत हासिल नहीं की है। गिल के अलावा रविंद्र जडेजा (89) और वाशिंगटन सुंदर (42) ने अहम पारियां खेली। गिल ने जडेजा के साथ 203 रन और सुंदर के साथ 144 रन जोड़े। शुभमन गिल ने अपना पहला दोहरा शतक लगाकर दिग्गज भारतीय कप्तानों में अपना शुमार करा लिया है।
