प्रयागराज। गंगा दशहरा पर संगम में पुण्य की डुबकी लगाने के लिए बुधवार को आस्था का जन सैलाब उमड़ पड़ा। पांच महायोगों के मिलन की वजह से इस बार का गंगा दशहरा बेहद खास हो गया है।
पतितपावनी मां गंगा के अवतरण दिवस पर संगम में डुबकी लगाने से मनसा, वाचा, कर्मणा तीनों प्रकार के 10 तरह के पापों के शमन की मान्यता है। इस लोक धारणा को मानने वाले सनातनधर्मी दोपहर बाद से ही संगम पहुंचने लगे। देर रात तक काफी श्रद्धालु संगम में डुबकी लगाने पहुंच चुके थे।
शाम को ही जौनपुर, गाजीपुर, वाराणसी, बलिया के अलावा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के अलावा राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र से बसों, निजी वाहनों से श्रद्धालुओं की टोलियां संगम पहुंचती रहीं।
तीर्थ पुरोहित राजमणि तिवारी बताते हैं कि गंगा दशहरा पर संगम तट पर मुंडन, उपनयन समेत कई मांगलिक कार्य भी होंगे।प्रयागराज। गंगा दशहरा पर संगम पर बृहस्पतिवार की शाम विशेष पूजा, आरती होगी। तीर्थ पुरोहित पं. राजमणि तिवारी उर्फ घंटी गुरु के मुताबिक शाम छह बजे मां गंगा की महाआरती होगी। इस दौरान लोक मंगल की कामना से विशेष अनुष्ठान किए जाएंगे। इसी तरह रामघाट पर हरिहर गंगा आरती समिति और जगदीश रैंप पर जय त्रिवेणी जय प्रयाग आरती समिति की ओर से मां गंगा की महाआरती श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी।
