प्रयागराज। दो दिव्यांग बच्चों की सर्जरी न हो पाने के मामले में मंगलवार को जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की मासिक समीक्षा बैठक • के दौरान जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के नोडल अधिकारी व डिप्टी सीएमओ डॉ. हेमंत सिंह को फटकार लगाई।
डीएम ने कहा कि जब तक दोनों बच्चों का ऑपरेशन नहीं हो जाता है, तब तक के लिए डॉ. हेमंत व डीई आईसी अंकुश दुबे का वेतन रोका जाए। सर्किट हाउस के सभागार में बैठक के दौरान डीएम ने एसीएमओ डॉ. परवेज अख्तर पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निरंतर मानीटरिंग का निर्देश दिया। उन्होंने कार्य में लापरवाही बरतने वाली आशाओं की सेवा समाप्त करने के लिए कहा है।
वहीं बैठक में तेलियरगंज स्थित जिला क्षय रोग अस्पताल के अधीक्षक डॉ. शैलेश द्विवेदी नहीं आए। उन्होंने अपने स्थान पर किसी और को भेज दिया था। डीएम ने तत्काल उन्हें कॉल करके बुलाया। आधे घंटे के अंदर डॉ. शैलेश द्विवेदी सर्किट हाउस पहुंच गए। इसके बाद जिलाधिकारी ने उन्हें भी फटकार लगाई।
जिलाधिकारी ने सभी सरकारी अस्पतालों में उपकरण सहित अन्य मूलभूत उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी लेते हुए कहा कि जिन भी अस्पतालों में जो भी कमियां हैं, उन्हें आठ जून तक दुरुस्त करा लें।
जिलाधिकारी ने कहा कि एमआर किसी भी दशा में चिकित्सालय परिसर के अंदर घूमते हुए न मिलें। यदि घूमते हुए पाए गए, तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
