मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि धर्मांतरण गंभीर चुनौती है। बलरामपुर जैसी घटनाओं से स्पष्ट है कि गिरोह ऐसे प्रयास संगठित रूप से कर रहे हैं। इसलिए जरूरी है कि पुलिस और इंटेलीजेंस सख्ती से निगरानी कर संगठित गिरोहों को नेस्तनाबूद करे। इसमें एआई का भी इस्तेमाल करें। तकनीक के जरिये सीमा सुरक्षा पुख्ता कर सख्त निगरानी की जाए।
पुलिस मुख्यालय में आयोजित पुलिस मंथन में दूसरे दिन रविवार को सीएम ने कहा कि सोशल मीडिया की निगरानी जरूरी है। सोशल मीडिया और जमीनी स्तर से मिले इनपुट को नजरअंदाज न करें। हर एक पहलू की तह तक जाएं। वहां ऐसे गिरोहों के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य व सुराग मिलेंगे।
सीएम ने आगरा के पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार की सराहना करते हुए कहा कि वहां पर धर्मांतरण के रैकेट का जो खुलासा हुआ उसमें सख्त कार्रवाई कर नजीर पेश की गई है।
सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने वालों को सबक सिखाएं: सीएम ने कहा कि सोशल मीडिया पर कानून व्यवस्था, जातीय व धार्मिक सौहार्द प्रभावित करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएं। महापुरुषों के नाम का गलत इस्तेमाल कर संगठन बनाकर अराजकता फैलाने का प्रयास करने वाले लोगों की जांच कर पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करें।
बलरामपुर में सामने आया था छांगुर प्रकरण : बलरामपुर में हिंदू युवतियों के धर्मांतरण और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के आरोप में जमालुद्दीन उर्फ छांगुर को गिरफ्तार किया गया था। छांगुर को बीते तीन वर्षों में करीब 500 करोड़ रुपये की विदेशी फंडिंग हुई है। इसमें से अभी बस 200 करोड़ की ही पुष्टि हो सकी है।
