मेला क्षेत्र के अरैल इलाके में पहली बार अस्थायी वेलनेस सेंटर का विकास किया जा रहा है। इसमें आध्यात्मिक और धार्मिक गतिविधियों के साथ वेलनेस और शिक्षा को भी जगह दी जा रही है। लगभग 2.5 लाख वर्ग फीट क्षेत्रफल में आवासीय टेंट के निर्माण के लिए एजेंसियों का चयन हो चुका है। इसमें चार ब्लॉक का निर्माण किया जाएगा। हर ब्लॉक में 50 से ज्यादा टेंट होंगे।
गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के तट पर आयोजित होने जा रहे माघ मेले में श्रद्धालुओं और आगंतुकों को सहज और यादगार अनुभव दिलाने के लिए मेला प्राधिकरण ने प्रीमियम सुविधाएं प्रदान करने की तैयारी की है। माघ मेले को आध्यात्मिक अनुभव के साथ स्वस्थ जीवन की गतिविधियों का साक्षी बनाने के लिए मेला प्राधिकरण अस्थायी वेलनेस सेंटर का भी विकास कर रहा है।
माघ मेला अधिकारी ऋषिराज ने बताया कि इसके लिए चयनित एजेंसी ने कार्य शुरू कर दिया है। चयनित एजेंसी को डिजाइन, निर्माण, संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई है। सेंटर में वेलनेस और शिक्षा दोनों को सम्मिलित किया गया है। यहां आवासीय टेंट में रहने वाले आगंतुकों के लिए सुबह योग और प्राणायाम की कक्षाएं चलाई जाएंगी।
दोपहर में आयुर्वेद और नेचुरोपैथी जागरूकता के सत्र आयोजित किए जाएंगे और शाम को देव वाणी संस्कृत या क्षेत्रीय भाषा सीखने के कार्यक्रम होंगे। इसके अतिरिक्त कहानी सुनाने के कार्यक्रम भी आयोजित होंगे जिसमें पौराणिक या नैतिक विषयों के अलावा पर्यावरण शिक्षा और सामुदायिक जुड़ाव जैसे विषय शामिल होंगे।
नेचर वॉक और इंडियन क्राफ्ट्स का समागम वेलनेस सेंटर को समावेशी स्वरूप देने और भारतीय कला एवं संस्कृति से रूबरू कराने के लिए भी कई कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके अंतर्गत नेचर वॉक और इंडियन क्राफ्ट्स की वर्कशॉप का आयोजन किया जाएगा। आगंतुकों को भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के लिए पहली बार इस तरह के आयोजन होंगे।
