प्रयागराज औद्योगिक क्षेत्र में मंगलवार को सिर और हाथ-पैर काटकर शव फेंके जाने के मामले में सनसनीखेज खुलास हुआ है। मृतक की पहचान 11वीं के छात्र पीयूष उर्फ यश (17) के रूप में हई। वह करेली के सदियापुर का रहने वाला था। पुलिस का दावा है कि इस जघन्य हत्याकांड को उसके ही रिश्ते में दादा लगने वाले शख्स ने अंजाम दिया। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही उसकी निशानदेही पर मृतक छात्र का कटा हुआ सिर और हाथ-पैर भी बरामद कर लिए गए।
औद्योगिक क्षेत्र के लवापन कुरिया गांव में मंगलवार शाम करीब चार बजे एक स्कूटी सवार युवक पंलिथीन में लिपटा क्षत-विक्षत शव फेंककर फरार हो गया था। जांच के दौरान पुलिस ने मौके तक आने-जाने वाले रास्तों पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए। मिर्जापुर रोड पर लगे 50 से अधिक कैमरों की जांच में पता चला कि स्कूटीसवार शहर की ओर से आया था। पुराने पुल से होकर वह प्रयागराज-मिर्जापुर हाईवे के रास्ते औद्योगिक क्षेत्र पहुंचा।
फुटेज खंगालते हुए पुलिस संदिग्ध तक पहुंची और पता चला कि स्कूटी सदियापुर गुरुद्वारे के पास रहने वाले शरण सिंह की है, जो प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है। वस्ती में सुरागरशी के दौरान यह जानकारी भी सामने आई कि शरण सिंह के भतीजे का बेटा और 11वीं का छात्र पीयूष मंगलवार सुबह से हीगायब है। उसके पिता अजय सिंह का निधन हो चुका है और वह अपनी मां कामिनी के साथ सदियापुर गुरुद्वारे के पास रहता था। सरस्वती विद्या मंदिर, शास्त्री नगर, करेली में पढ़ता था।
मां कामिनी ने पुलिस को बताया कि मंगलवार सुबह 8:30 बजे बेटा स्कूल जाने के लिए घर से निकला था। रोजाना दोपहर 2:30 बजे तक लौट आता था, . लेकिन उस दिन वापस नहीं आया। स्कूल जाकर पता चला कि वह वहां पहुंचा ही नहीं। पुलिस ने शरण सिंह की तलाश शुरू की और कुछ घंटे बाद उसे करेली क्षेत्र से ही हिरासत में ले लिया।
थाने लाकर सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने हत्या की. बात स्वीकार करते हुए चौंकाने वाला खुलासा किया।
