पानी में डूबना भी एक आपदा ,मिलेगा मुआवजा
आत्महत्या व आपराधिक कृत्य पर नहीं मिलेगी मदद
कुआं, नदी ,तालाब ,पोखर ,नहर ,नाला व जलप्रपात में डूबने से मृत्यु को भी राज्य आपदा घोषित कर दिया गया है।
राज्य सरकार ने इस फैसले से डूबने से मौत पर पीड़ित परिवारों को 4 लाख रुपए मुआवजा मिलने का रास्ता साफ कर दिया है। अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार की ओर से बुधवार को इसका शासनादेश जारी किया गया। प्रदेश में प्रतिवर्ष डूबने से बड़ी संख्या में मौतें होती है।
ऐसी मृत्यु राज्य आपदा की श्रेणी में ना आने की वजह से पीड़ित परिवारों को मदद नहीं मिल पा रही थी। वहीं शासन के आदेश के अनुसार अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु आत्महत्या या आपराधिक कृत्य के कारण होती है तो ऐसी दशा में परिवार जनों को किसी तरह की कोई भी सहायता नहीं दी जाएगी। प्रदेश सरकार अब तक बेमौसम भारी वर्षा अतिवृष्टि, बिजली गिरने, आंधी तूफान, लू प्रकोप ,नाव दुर्घटना ,सर्पदंश, सीवर सफाई व गैस रिसाव, बोरवेल में गिरने से होने वाली दुर्घटना व मानव वन्य जीव द्वंद आदि 11 तरह की घटनाओं को राज्य आपदा घोषित कर चुकी है।
Samiksha
