प्रयागराज। इस बार गर्मी अधिक सताएगी। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस बार प्रयागराज में अधिकतम तापमान 47 डिग्री तक पहुंचने के आसार हैं। इस दौरान हीट वेव की आशंका भी अधिक रहेगी। यह स्थिति पिछले वर्षों के मुकाबले ज्यादा दिनों तक रहने का अनुमान है।
मार्च में अभी तक कुछ एक बार बौछार पड़नी चाहिए थी, लेकिन लोग तेज धूप से हलकान हैं। पारा 39 डिग्री पार पहुंचने लगा है। पर्यावरण वैज्ञानिक इसके लिए वन क्षेत्र में कमी और कार्बन डाई ऑक्साइड का बढ़ता उत्सर्जन बताते हैं तो मौसम विज्ञानी हिंद और भूमध्य सागर में विक्षोभ (हलचल) न होने को कारण मान रहे हैं।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के केके बनर्जी वातावरणीय एवं समुद्रीय विज्ञान संस्थान के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शैलेंद्र राय के मुताबिक, भूमध्य सागर में विक्षोभ के कारण मैदानी इलाकों में बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी भी होती रहती है। इससे तापमान बहुत नहीं बढ़ पाता। इस बार जनवरी-फरवरी में विक्षोभ ही नहीं आया। इससे पारा जल्द – चढ़ गया है।
डॉ. शैलेंद्र कहते हैं, आगे भी बदलाव के आसार नहीं हैं। अधिक दिनों तक ज्यादा तापमान रहने से हीट वेव के खतरे भी अधिक हैं। मानसून आने पर ही इससे राहत मिल सकेगी। नहीं, घुरपुर स्थित मौसम विभाग के कार्यालय में विज्ञानी आकाश मिश्रा बताते हैं कि इस बार गर्मी ज्यादा सताएगी। हाल-फिलहाल हिंद महासागर से जो ठंडी हवाएं चलीं, वह काफी कमजोर रहीं। इससे एक-दो दिन ही राहत रही और हालात फिर जस के तस हो गए।
उनके मुताबिक, अप्रैल में तापमान 47 डिग्री तक जाने के आसार हैं। यह अधिकतम तापमान लगातार कई दिनों तक बना रह सकता है। रात का तापमान भी 30 डिग्री से ऊपर जाने की संभावना है। इससे भी परेशानी बढ़ेगी।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पर्यावरण अध्ययन केंद्र के डॉ. प्रशांत इसके लिए पर्यावरण में बदलाव, वन क्षेत्र की कमी, युद्ध और अन्य वजहों से कार्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा बढ़ने को जिम्मेदार बताते हैं। उनके मुताबिक, मौसम में इस तरह के बदलाव आगे भी देखने को मिलेंगे।
