नई दिल्ली/उत्तरकाशी/शिमला। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में बादल फटने से हुए भूस्खलन की चपेट में आकर दो मजदूरों की मौत हो गई और सात लापता हैं। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग का 10 मीटर हिस्सा भी बह गया, जिससे यातायात ठप हो गया है। भारी बारिश और भूस्खलन के कारण चार धाम यात्रा 24 घंटे के लिए रोक दी गई है। हिमाचल प्रदेश में भी कई जगह भूस्खलन हुआ और ट्रैक पर पत्थर गिरने से शिमला-कालका रेल सेवा ठप हो गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक, पूरे देश में मानसून नौ दिन पहले पहुंच गया है और दिल्ली-एनसीआर समेत हर तरफ मूसलाधार बारिश हो रही है, जिसके कम से कम सात दिन तक जारी रहने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और झारखंड के लिए सोमवार को भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है।
उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया, रविवार तड़के बादल फटने से बड़कोट-यमुनोत्री मार्ग पर सिलाई मोड़ के पास भूस्खलन हुआ। एक निर्माणाधीन होटल इसकी चपेट में आ गया। तब वहां 29 मजदूर मौजूद थे, जिनमें से 20 को सुरक्षित निकाल लिया गया। नौ पानी के साथ आए मलबे में बह गए। बाद में उनमें से दो के शव घटना स्थल से 18 किलोमीटर दूर यमुना नदी के किनारे मिले। अलकनंदा और सरस्वती नदियां उफान पर भी हैं। उत्तराखंड के उत्तरकाशी के साथ ही रुद्रप्रयाग, देहरादून, टिहरी, पौड़ी हरिद्वार और नैनीताल में सोमवार को भी भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है।एहतियात के तौर पर चार धाम यात्रा एक दिन के लिए रोकी गई है।
