नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में सीट बंटवारे के मामले में लोकसभा चुनाव के फॉर्मूले के आधार पर ही सहमति बनाई जाएगी। इसके तहत राज्य की कुल 243 विधानसभा सीटों में 200 सीटें भाजपा और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के खाते में आ सकती हैं। तीन अन्य सहयोगी दलों को 43 सीटों पर लड़ने का मौका मिल सकता है।
भाजपा-जदयू जल्द ही इस फॉर्मूले पर अपने सहयोगियों लोजपा (रामबिलास), हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) से बातचीत करेंगे। राज्य में इसी साल अक्तूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं। भाजपा सूत्रों ने बताया कि प्रारंभिक विमर्श में भाजपा-जदयू के बीच सीट बंटवारे पर लोकसभा चुनाव के फॉर्मूले को ही आगे बढ़ाने पर सहमति बनी है।
लोकसभा चुनाव में जदयू ने 17, भाजपा ने 16, लोजपा ने पांच और हम-आरएलएम ने 1-1 सीटों पर चुनाव लड़ा था। इस आधार पर लोकसभा की एक सीट के बदले विधानसभा की छह सीटों का हिसाब बैठता है। ऐसे में भाजपा और जदयू के हिस्से में कुल मिलाकर 200 सीटें आएंगी। वहीं, लोजपा के हिस्से में 30 और अन्य दो सहयोगियों के हिस्से 12 सीटें आएंगी। सूत्रों के अनुसार, बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही एनडीए का चेहरा रहेंगे। चुनाव पीएम मोदी और नीतीश के नाम व काम पर लड़ा जाएगा। नीतीश के स्वास्थ्य को लेकर चल रही खबरों पर भाजपा सूत्रों का कहना है कि इसे मुद्दा बनाना राजद को भारी पड़ेगा।
