लीड्स। हेडिंग्ले की हार ने भारतीय टीम के कोच गौतम गंभीर पर दबाव बढ़ा दिया है। शुभमन गिल और गौतम गंभीर की नई जोड़ी को इंग्लैंड में एक अच्छी शुरुआत की जरूरत थी। पहले चार दिन भारतीय टीम ने इन उम्मीदों को जीवंत रखा, लेकिन बैजबाल के दौर में स्टोक्स-मैक्कुलम की जोड़ी लीड्स के किले को एक बार फिर सुरक्षित रखने में कामयाब रही। जीत ही नहीं पहले टेस्ट में ड्रॉ भी गिल-गंभीर के लिए अच्छी शुरुआत माना जाता, लेकिन हार ने गंभीर पर उनके दौर को सफल बनाने के दबाव को निश्चित रूप से बढ़ा दिया है। खासतौर पर रोहित शर्मा और विराट कोहली के संन्यास के बाद टीम इंडिया का बेड़ा पार लगाने की जिम्मेदारी गंभीर पर ज्यादा बढ़ गई है।
गंभीर की कोचिंग में भारतीय टेस्ट टीम की यह 11 टेस्ट मैचों में सातवीं हार रही। अच्छी बात यह है कि लीड्स में हार के बावजूद गंभीर सकारात्मक हैं। उन्होंने हार के लिए जिम्मेदार अपने गेंदबाजों (बुमराह को छोड़कर) का बचाव भी किया है। हार के बाद जसप्रीत बुमराह को सभी टेस्ट मैचों में खिलाने का भी दबाव बनने लगा है, लेकिन गंभीर ने स्पष्ट कर दिया है कि बुमराह को लेकर रणनीति में कोई परिवर्तन नहीं किया जा रहा है। यह पहले से ही तय था कि बुमराह पांच में से तीन टेस्ट खेलेंगे और हम अभी भी इस योजना पर कायम है
