वाशिंगटन/तेल अवीव/इस्तांबुल पिछले सप्ताह के अंत में ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर हुए अमेरिकी हमले को लेकर अमेरिका के ही खुफिया मंत्रालय का ताजा आकलन आया है कि इन हवाई हमलों में ईरान की परमाणु क्षमता नष्ट नहीं हो पाई है। व्हाइट हाउस ने इस आकलन को खारिज कर दिया है।
ट्रंप ने कहा था कि 30,000 पाउंड के बमों की तैनाती ने ईरानी परमाणु कार्यक्रम नष्ट कर दिया है। लेकिन मामले से परिचित तीन लोगों के अनुसार, खुफिया मंत्रालय का प्रारंभिक आकलन बताता है कि ईरान के संवर्धित यूरेनियम भंडार को खत्म नहीं किया गया है। ईरानी एटमी कार्यक्रम का अधिकांश हिस्सा गहरे भूमिगत में दबा हुआ है, जिसे सिर्फ एक या दो माह पीछे धकेला गया है। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, यह आकलन पेंटागन की खुफिया शाखा ने तैयार किया है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी हमलों ने ईरान में दो सुविधाओं के प्रवेश द्वारों को बंद किया, लेकिन भूमिगत इमारतें नहीं गिर पाईं। कुछ ईरानी सेंट्रीफ्यूज अभी भी बरकरार हैं।
