नई दिल्ली/ब्रसेल्स। यूरोपीय संघ (ईयू) ने यूक्रेन युद्ध को लेकर रूस के खिलाफ प्रतिबंधों की एक नई श्रृंखला को मंजूरी दे दी है। इसके तहत तेल की कीमत सीमा, नॉर्ड स्ट्रीम गैस पाइप लाइनों के साथ लेनदेन पर प्रतिबंध और छाया बेड़ों को लक्षित करना शामिल है। इसमें रूसी ऊर्जा दिग्गज रोसनेफ्ट की भारतीय तेल रिफाइनरी पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया और तेल की कीमत सीमा कम कर दी गई है। साथ ही भारतीय जहाजों की फ्लैग रजिस्टट्री को भी निशाने पर लिया गया है।
एनजर मिटतेल रिफाइनरी नायरा है, जिसमें रूस सरकार के स्वामित्व वाली तेल कंपनी रोसनेफ्ट की 49.13% हिस्सेदारी है। रूस पर ताजा प्रतिबंध पैकेज में नई बैंकिंग रोक व रूसी कच्चे तेल से बने ईंधन पर प्रतिबंध शामिल हैं। वर्तमान में 60 डॉलर प्रति बैरल पर निर्धारित कम तेल मूल्य सीमा से भारत जैसे खरीदारों को कम दरों पर रूसी कच्चा तेल बेचने की मजबूरी होगी। लेकिन कई बाधाएं भी होंगी। भारत पर यह कार्रवाई पहली बार हुई है।
