दुबई। एशिया कप के ग्रुप मुकाबले में हाथ नहीं मिलाने के प्रकरण में हुई जबरदस्त किरकिरी के बाद पाकिस्तानी टीम रविवार को सुपर-4 मुकाबले में भारत के खिलाफ नापाक और ओछी हरकतों पर उतर आया।
पाकिस्तानी क्रिकेटरों के व्यवहार से लगा कि वे किसी भी कीमत पर मैच जीतकर ग्रुप मैच में मैदान और उसके बाहर मिली पटखनी का बदला लेना चाहते हैं। हुआ इसके उलट अभिषेक शर्मा की विस्फोटक पारी ने पाकिस्तान को यहां भी हार पर मजबूर किया। लगातार दो हार के बाद अब पाकिस्तान फाइनल में भारत से तीसरे मुकाबले की बात कर रहा है। रविवार को अर्धशतक के बाद बल्ले से बंदूक चलाने की नापाक हरकत करने वाले साहिबजादा फरहान को अपने किए पर पछतावा नहीं है। वह कहते हैं कि उन्हें इसकी परवाह नहीं है कि कोई उनके बारे में क्या कहता है।
हमारी इच्छा भारत के साथ फाइनल खेलने की है। भारतीय टीम को भी पाकिस्तानी क्रिकेटरों को मैदान पर ओछा व्यवहार नागवार गुजरा। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने तो यहां तक कह दिया कि पाकिस्तानी टीम अब हमारे मुकाबले कहीं नहीं ठहरती है इसलिए भारत-पाकिस्तान के बीच प्रतिद्वंद्विता का शब्द हटा देना चाहिए। प्रतिद्वंद्वी वही टीमें होती हैं, जिनका रिकॉर्ड 8-7 जैसा हो, लेकिन हम पाकिस्तान को टी-20 में 15 में से 12 मैचों में हरा चुके हैं, इस लिए हम दोनों के बीच प्रतिद्वंद्विता शब्द हटा देना चाहिए
