लखनऊ। सीएम योगी आदित्यनाथ ने जनता का आह्वान करते हुए कहा कि भारत और यूपी का भविष्य कैसा हो, यह हमें मिलकर तय करना है। यह हमारे विजन में होना चाहिए। हमें युवाओं को अभी से इसके लिए तैयार करना है क्योंकि हम जिस मनोदशा में जिएंगे उसी दिशा में आगे बढ़ेंगे। सीएम बुधवार को लोकभवन में समर्थ उत्तर प्रदेश विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान के शुभारंभ पर कार्यशाला में बोल रहे थे।उन्होंने इस दौरान समर्थ उत्तर प्रदेश पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के जरिये प्रदेशवासी अपने सुझाव दे सकेंगे। जो 12 प्रमुख सेक्टरों कृषि, पशुधन संरक्षण, औद्योगिक विकास, आईटी-टेक्नोलॉजी, पर्यटन, नगर व ग्राम्य विकास, आधारभूत संरचना, संतुलित विकास, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा व सुशासन पर केंद्रित विजन डॉक्यूमेंट का हिस्सा बनेंगे।विजन डॉक्यूमेंट अर्थ शक्ति,सृजन शक्ति और जीवन शक्ति थीम पर आधारित है। कार्यशाला में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व बृजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, सूर्य प्रताप शाही, प्रभारी मुख्य सचिव दीपक कुमार, प्रमुख सचिव आलोक कुमार, संजय प्रसाद सहित सेवानिवृत 400से अधिक अधिकारी व प्रबुद्धजन शामिल हुए।
यूपी के संदर्भ में सीएम ने कहा कि 1947 और 1960 तक यूपी का राष्ट्रीय जीडीपी में योगदान 14% था लेकिन 2016-17 तक यह 8% हो गया। बीते आठ वर्षों में हमने निराशा को उत्साह में बदला। आज यूपी देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। उन्होंने प्रख्यात वैज्ञानिक जगदीश चंद्र बसु का जिक्र करते हुए कहा कि जैसी मनोदशा होगी वैसा विकास होगा। बसु ने दो पौधों पर प्रयोग किया, एक को प्रेरित किया तो वह बड़ा वृक्ष बना जबकि दूसरे को धिक्कारा तो वह मुरझा गया। एक भावुक किस्सा साझा करते हुए कहा कि बिहार चुनाव के दौरान एक गरीब व्यक्ति ने खाली डिब्बा दिखाकर उन्हें धन्यवाद दिया, जो कोविड के समय में यूपी में मिले भोजन का था। उन्होंने कहा कि यह सेवा का भाव है।
