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मा0 मुख्यमंत्री जी के लखनऊ में आयोजित आयुष विभाग के नवचयनित 1065 आयुर्वेद/होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारियोें के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम का एनआईसी में हुआ सजीव प्रसारण

मा0 मुख्यमंत्री जी के लखनऊ में आयोजित आयुष विभाग के नवचयनित 1065 आयुर्वेद/होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारियोें के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम का एनआईसी में हुआ सजीव प्रसारण
04 जनवरी, 2021 प्रयागराज।
मा0 मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के द्वारा लखनऊ में आयोजित आयुष विभाग के नवचयनित 1065 आयुर्वेद/होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारियोें को नियुक्ति पत्र वितरण एवं 142 योग वेलनेस सेंटर्स का उद्घाटन तथा उत्तर प्रदेश आयुष टेलीमेडिसिन का शुभारम्भ किया गया। इस कार्यक्रम का एनआईसी प्रयागराज में वीडियों कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सजीव प्रसारण किया गया, जिसमें मा0 सांसद फूलपुर श्रीमती केशरी देवी पटेल, जिलाधिकारी श्री भानु चन्द्र गोस्वामी, मुख्य विकास अधिकारी-श्री आशीष कुमार, क्षेत्रीय आयुर्वेदीक एवं युनानी अधिकारी-डाॅ0 शारदा प्रसाद, जिला होम्योपैथिक अधिकारी-डाॅ0 संजीव वर्मा सहित अन्य सम्बंधित अधिकारीगण मौजूद रहे।

सफल छात्र/छात्राओं को नियुक्ति पत्र के वितरण के पश्चात अपने सम्बोधन में मा0 मुख्यमंत्री जी ने सफल छात्र/छात्राओं को बधाई देते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी। उन्होने कहा कि गत 25 वर्षों में यह सबसे बडी नियुक्तियां है। उन्होने सभी से पूरी मेहनत व ईमानदारी से कार्य करने के साथ ही कार्यों को मिशन मोड में लेकर करने को कहा है। मा0 मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि भारतीय ऋषि परंपरा में पीपल व बरगद को देवतुल्य माना गया है। उन्होने कहा कि आयुर्वेद में काढे को प्राचीन समय से ही उपयोगी माना गया है। उन्होने कहा कि कोई घर ऐसा नहीं जहां हल्दी, हींग व अदरक का उपयोग न होता हो। आज पूरे विश्व ने इसकी उपयोगिता देखी है व इसकी मांग पूरी दुनिया में हो रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल खंड में भारत की परम्परागत चिकित्सा पद्धति के उपयोग को दुनिया ने माना है और आयुर्वेद की मांग हर स्तर पर हो रही है। मा0 मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ने मा0 प्रधानमंत्री भारत सरकार का आभार व्यक्त करते हुये कहा कि उन्होने अपने प्रधानमंत्री काल में आयुष मंत्रालय का गठन किया। उन्होने कहा कि देश का पहला सर्जन आयुर्वेद से ही था। आयुर्वेद परंपरागत चिकित्सा पद्धति रही है तथा आयुर्वेद काढ़े का उपयोग आयुर्वेद की पद्धति मंे हजारो सालो से उपयोग में किया जा रहा है।
मा0 मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आयुर्वेद, योग व नेचुरोपैथी में अपार संभावनाएं है। उन्होने कहा कि होम्योपैथिक विद्या भी प्लांट पर आधारित है। उन्होने नवनियुक्त चिकित्सा अधिकारियों से कहा कि केन्द्र व राज्य ने उन पर भरोसा किया है। आप लोगों को कार्यों को मिशन मोड में लेकर करना चाहिए। उन्होने कहा कि आयुर्वेद व योग के साथ जुडना बडा पवित्र कार्य है। उन्होने कहा कि आपके आसपास औषधियों को भंडार छुपा है उसको पहचानने व उसको उपयोग सही तरीके से करने की आवश्यकता है।
जनपद में मा0 सांसद फूलपुर ने नवचयनित 8 चिकित्साधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया, जिसमें डाॅ0 भावना दत्त-आयुर्वेदीक चिकित्सालय अतरौरा, डाॅ0 सुमन मिश्रा आयुर्वेदीक चिकित्सालय बरौत, डाॅ0 नंदना तिवारी-कोंणहार, डाॅ0 अनुश्री तित्राठी-मानपुर, डाॅ0 राजतिलक तिवारी-भारतगंज, डाॅ0 अजय प्रताप-सरायममरेज, डाॅ0 अशोक कुमार सरोज-जसरा एवं डाॅ0 अनिल कुमार है।

खबर उमेश पांडेय

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