विषय – 69000 शिक्षक भर्ती में आयोग की गलती की सजा भुगत रहे हजारों छात्र, भविष्य अंधकार में ..
69000 शिक्षक भर्ती जारी अंतिम उत्तर कुंजी में विवादित लगभग 3 से 4 प्रश्न ऐसे है जिसके दो से अधिक उत्तर है जिस पर उच्च न्यायालय इलाहाबाद और लखनऊ बेंच में याचिका भी दाखिल है और विवादित प्रश्नों को लेकर लखनऊ खंडपीठ ने 03-06-2020 को भर्ती प्रक्रिया पर रोक भी लगा दी थी। लेकिन सरकार लखनऊ की डबल बेंच से भर्ती पर लगी रोक को हटा लिया था।

उसके पश्चात् विवादित प्रश्न से संबंधित मामले को लेकर सभी छात्र सर्वोच्च न्यायालय की शरण में याचिका दाखिल किए , सर्वोच्च न्यायालय ने उत्तरकुंजी से संबंधित सभी याचिकाओ को टैग कर 7-7-2020 को लखनऊ डबल बेंच को निर्देश दिया कि विवादित प्रश्नों की जांच कर 2 माह के भीतर उत्तर कुंजी के मामले को जल्द से जल्द निस्तारित करे। आज लगभग 5 माह बीत चुके है लेकिन न्यायालय से आज तक कोई फैसला नहीं आया है।

69000 शिक्षक भर्ती अंतिम दौर में है देखा जाए तो शिक्षक भर्ती में अभी भी 8000 से 10000 सीटें रिक्त है छात्रों की मांग है कि उत्तर कुंजी में विवादित प्रश्नों पर न्यायालय से फैसला आने के बाद ही तीसरी काउंसलिंग कराई जाए । एस०सी०ई०आर०टी० की पुस्तकों में भी प्रश्नों के उत्तर सही लिखे है सभी साक्ष्यों को न्यायालय में संलग्न भी किया गया है यदि सरकार और न्यायालय से जल्द फैसला आ जाए तो बहुत से एसे छात्र है जिनके गुणांक भी काफी अधिक है लेकिन परीक्षा नियामक प्राधिकारी प्रयागराज द्वारा प्रश्नों का सही उत्तर ना मानने के कारण हजारों छात्रों का भविष्य अधर में लटका है इस लिए प्रदेश के सभी छात्र – छात्राएं एक होकर सरकार एवं न्यायालय से मांग कर रही है कि उत्तर कुंजी में विवादित प्रश्नों

से सम्बन्धित न्यायालय से मामला निस्तारित होने के बाद ही शिक्षक भर्ती के रिक्त पद भरे जाए।
इस मुद्दे को लेकर कल दिनांक 2-1-2021 को अभिषेक श्रीवास्तव के नेतृत्व में प्रदेश के लगभग सैकड़ों छात्र छात्राओं ने एकत्रित होकर PNP पर धरना प्रदर्शन किया और सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी एलनगंज प्रयागराज को शांतिपूर्ण ढंग से ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द मामले को निस्तारित करने को कहा । इस दौरान अभिषेक श्रीवास्तव , अमित यादव डेविड , अखिलेश यादव ,नवीन यादव , विवेक द्विवेदी , अनीता , कृष्णा सिंह , अरुण कुमार , रवि कुमार , मीना , राहुल मिश्रा , हरीश यादव आदि छात्र मौजूद रहे।
खबर नीतेश सोनी
