मांडा। क्षेत्र के आंधी गांव के केवटान वस्ती में शुक्रवार को पानी भरे खेत में डूबकर मौसी और मासूम भतीजे की मौत हो गई। शाम को बरहा कला गांव में घर से 500 मीटर कलेक्टर पटेल के खेत से दोनों दूर का शव उतराता मिला तो कोहराम मच गया।
बताया जा रहा है कि दोनों बच्चे कमल का फूल तोड़ने गए थे। इसी दौरान वह गहरे पानी में चले गए। ग्रामीणों का कहना है कि मिट्टी खोदे जाने से डूबने वाली जगह पर बड़ा गड्ढा हो गया था।
सुबह करीब छह बजे 13 वर्षीय राजकुमारी पुत्री स्व. गुंडा और उसकी बहन का बेटा सात वर्षीय शनि पुत्र शिवकुमार घर से निकले थे। दोपहर तक न लौटने पर परिजन तलाश में जुट गए। शाम करीब चार बजे ग्रामीणों ने दोनों का शव घर से करीब 500मीटर दूर कलेक्टर पटेल के पानी भरे खेत में देखा।
ग्रामीणों के अनुसार खेत से मिट्टी निकाले जाने के चलते गड्ढे में पानी भर गया था। ताल में खिले कमल के फूल को तोड़ने के चक्कर में दोनों खेत में उतरे थे। आसपास कुछ फूल टूटे हुए भी मिले हैं। मृतका राजकुमारी पांच बहनों में सबसे छोटी थी। 10 साल पहले उसके पिता की मौत ट्रेन हादसे में हो चुकी थी। मां फूलपत्ती और बहनें मालकिन व नगीनारो-रोकर बुरा हाल रहा। वहीं शनि की मां नगीना अपने डेढ़ साल की बेटी राधिका को गोद में लिए बार-बार बेहोश हो जा रही थी। शनि स्थानीय गरेथा परिषदीय विद्यालय में का छात्र था। घटना की सूचना मिलते ही एसीपी मेजा एसपी उपाध्याय और इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को ढांढ़स बंधाया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए शहर भेज दिया।
इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिंह ने बतायाकि घटना की लिखित सूचना ग्रामीण बबलू ने दी है। बारिश का पानी और जल निकासी की समस्या गंभीर है। इसे उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा।
