माघ मेला-2026 की तैयारियों की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और सुव्यवस्थित वातावरण मिले, यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने गृह विभाग को निर्देश दिया कि प्रमुख स्नान पर्वों पर किसी तरह का वीआईपी प्रोटोकॉल न दिया जाए। इन संबंध में आवश्यक सूचना जारी की जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल 15 से 25 लाख श्रद्धालु केवल कल्पवासी होंगे। उन्होंने कहा कि माघ मेले से जुड़े सभी विभागों के प्रमुख सचिव-सचिव स्तर के अधिकारी और अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था खुद मेला क्षेत्र में जाकर तैयारियों की समीक्षा करें। 31 दिसंबर तक मेले की सारी तैयारी पूरी कर ली जाए।
मंडलायुक्त प्रयागराज ने बताया कि माघ मेले में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। जबकि मौनी अमावस्या जैसे प्रमुख पर्व पर एक ही दिन में साढ़े तीन करोड़ से अधिक श्रद्धालु आएंगे। नगर विकास विभाग को सीएम ने निर्देश दिया कि जीरो लिक्विड डिस्चार्ज की व्यवस्था की जाए।
बैठक में बताया गया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एप आधारित बाइक , टैक्सी सेवा, दिशा सूचक संकेतों की व्यवस्था, विद्युत पोलों पर क्यूआर कोड आधारित पहचान प्रणाली, निर्वाध विद्युत आपूर्ति के लिए रिंग मेन यूनिट, कटाव रोकने के लिए जियो-ट्यूब तकनीक आदि लागू की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रतिबंध पर जोर देते हुए कहा कि माघ मेला स्वच्छता का उदाहरण बने। बैठक में जानकारी दी गई कि मेला क्षेत्र में 16,650 शौचालयों की स्थापना की जा रही है। लगभग 3300 सफाई मित्रों की 24 घंटे तैनाती की जाएगी। उनके लिए सैनीटेशन कॉलोनी, बच्चों के लिए आंगनबाड़ी और प्राथमिक विद्यालय जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक का अधिकतम प्रयोग करें। उन्होंने ट्रैफिक व भीड़ मैनेजमेंट के लिए ठोस और बहुस्तरीय योजना बनाने के निर्देश दिए। मेला क्षेत्र में एआई आधारित सर्विलांस व भीड़ मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने एनएसएस स्वयंसेवकों और एनसीसी कैडेट के सहयोग लेने साथ ही नाविकों के साथ संवाद और समन्वय बनाने के निर्देश भी दिए।
