नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने अगले दो साल में 3.5 करोड़ नौकरियां देने के लिए 99.44 हजार करोड़ रुपये की रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (ईएलआई) को मंजूरी दी है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की ओर से संचालित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के जरिये ये नौकरियां दी जाएंगी। पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में योजना पर मुहर लगाई गई। देश को खेल महाशक्ति बनाने के लिए कैबिनेट ने नई राष्ट्रीय खेल नीति को भी मंजूरी दी।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि विनिर्माण क्षेत्र पर विशेष ध्यान देने के साथ सभी क्षेत्रों में रोजगार सृजन, रोजगार क्षमता और सामाजिक सुरक्षा को समर्थन देने के लिए ईएलआई को मंजूरी दी गई है। यह योजना रोजगार सृजन के लिए कर्मचारियों के साथ नियोक्ताओं को भी प्रोत्साहन देगी। इसके तहत, पहली बार नौकरी हासिल करने वाले कर्मचारियों को एक माह का ईपीएफ वेतन यानी 15,000 रुपये तक सरकार देगी, जबकि नियोक्ताओं को अतिरिक्त रोजगार पैदा करने के लिए दो साल की अवधि के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। विनिर्माण क्षेत्र को दो साल के लिए विस्तारित लाभ भी दिया जाएगा। दो साल में जो नौकरियां दी जाएंगी, इनमें से 1.92 करोड़ लाभार्थी पहली बार नौकरी हासिल करेंगे। योजना का लाभ एक अगस्त2025 से 31 जुलाई, 2027 के बीच सृजित नौकरियों पर लागू होगा। गौरतलब है कि ईएलआई योजना की घोषणा केंद्र ने 2024-25 के बजट में की थी। बजट में 4.1 करोड़ युवाओं को रोजगार, कौशल और अन्य अवसर देने के लिए पांच योजनाओं के पैकेज के हिस्से के रूप में ईएलआई का जिक्र था और इसके लिए दो लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
