मांडा (प्रयागराज)। गिरधरपुर और मांडाखास गांव में घर के बाहर सो रहे 23 ग्रामीणों को सियार ने काटकर घायल कर दिया। घायलों को सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद प्रयागराज के लिए रेफर कर दिया गया। घटना से गांवों में दहशत है। घायलों से बातचीत के बाद वनविभाग के अधिकारी ने सियार के पागल होने की आशंका जताई है।
ग्रामीणों ने बताया कि सोमवार को रुक-रुककर बारिश हो रही थी। बिजली आपूर्ति भी ठप थी। ज्यादातर ग्रामीण कमरे के बाहर बरामदे और खुले स्थान पर सो रहे थे। रात के दूसरे पहर सियार ने ग्रामीणों पर हमला बोल दिया। अंधेरे में हमले से करीब 23 ग्रामीण घायल हुए हैं सीएचसी मांडा के फार्मासिस्ट आशीष द्विवेदी ने बताया कि सियार के हमले में घायल मो. इजराइल (22), अजय (5), राजेंद्र प्रसाद (28), मिराज अली (25), स्नेहलता (21), निर्मला देवी (55), इरफान अली (29), जितेंद्र कुमार (28), दिव्यांशु (12), नेब्बू लाल (40), मेहंदी हसन (65), सानिया (30), अफसाना (28)सुनीता (45), फूलपत्ती (45), कृष्णावती (40) को रेबीज का इंजेक्शन लगाया गया है। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें शहर रेफर कर दिया गया।
वहीं दूसरी तरफ सियार के हमले के बाद दोनों गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीण घर से बाहर निकलने से डर रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि गांव में जल्द से जल्द सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं ताकि जंगली जानवरों के हमले से बचा जा सके।
मामले में डिप्टी रेंजर सर्वेश मिश्र और वन दरोगा धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि उन्होंने मौके पर पहुंच घायलों और उनके परिजनों से पूछताछ की। ग्रामीणों के मुताबिक, मंगलवार भोर करीब चार बजे गिरधरपुर पहाड़ी क्षेत्र के जंगल से निकल कर सियार ने करीब डेढ़ दर्जन से अधिक घरों को निशाना बनाया। बाहर जो मिला, उसे काट लिया।
करीब 23 ग्रामीण घायल हुए हैं, जिसमें से पांच शहर स्थित निजी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं।बातचीत से प्रतीत हो रहा कि सियार पागल था। उसकी पकड़ने के लिए टीम लगाई गई। जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।
